US Tariff मुंबई:- अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ को अवैध घोषित कर दिया था, जिसके बाद ट्रंप ने 10% का ग्लोबल टैरिफ लगाया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 15% कर दिया गया। यह नया टैरिफ आज से लागू हो गया है।
ट्रंप के इस फैसले का भारत के साथ चल रही व्यापार वार्ता पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। भारत और अमेरिका ने फरवरी में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 18% तक कम करने की बात कही थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह समझौता अब अनिश्चित हो गया है। भारत के लिए यह एक अच्छा अवसर हो सकता है कि वह अमेरिका के साथ अपनी व्यापार वार्ता को फिर से शुरू करे और अपने हितों को सुरक्षित करे। लेकिन यह भी संभव है कि ट्रंप प्रशासन नए टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बनाए रखने की कोशिश करे।
भारत के लिए क्या हैं विकल्प?
भारत के पास अब कई विकल्प हैं। वह अमेरिका के साथ अपनी व्यापार वार्ता को फिर से शुरू कर सकता है और अपने हितों को सुरक्षित करने की कोशिश कर सकता है। या फिर वह अमेरिका के नए टैरिफ को चुनौती देने के लिए विश्व व्यापार संगठन (WTO) का दरवाजा खटखटा सकता है।
अमेरिका के नए टैरिफ का असर
अमेरिका के नए टैरिफ का असर न केवल भारत पर पड़ेगा, बल्कि अन्य देशों पर भी पड़ेगा। चीन, जो अमेरिका के साथ व्यापार युद्ध में है, को भी इस नए टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। यूरोपियन यूनियन और अन्य देशों को भी इस नए टैरिफ का असर पड़ेगा।
क्या होगा आगे?
अमेरिका के नए टैरिफ के बाद आगे क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लेकिन यह निश्चित है कि यह फैसला वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डालेगा। भारत को अपने हितों को सुरक्षित करने के लिए सावधानी से कदम उठाने होंगे।