NCERT Scrambled नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने विवादित पुस्तक के 38 खरीदारों से संपर्क करने की कोशिश की है जिसमें से 16 प्रतियां वापस मिल गई हैं। यह पुस्तक कक्षा 8 के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम के लिए जारी की गई थी, जिसमें न्यायपालिका की भूमिका पर एक अध्याय शामिल था।
इस अध्याय में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित मामलों की संख्या के बारे में उल्लेख किया गया था जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी को पुस्तक की सभी प्रतियां वापस लेने का निर्देश दिया था।एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने बताया कि 38 प्रतियों में से 16 वापस मिल गई है जबकि 3 प्रतियों के लिए कोई संपर्क जानकारी नहीं मिली है। शेष प्रतियों के लिए एनसीईआरटी प्रयास कर रहा है कि वे वापस मिल जाएं।
इस विवाद के बाद एनसीईआरटी ने पुस्तक की सभी प्रतियां वापस लेने का फैसला किया है और अध्याय को फिर से लिखने की प्रक्रिया शुरू की है। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी के निदेशक और शिक्षा सचिव को नोटिस जारी किया है और उनसे जवाब मांगा है। इस मामले में एनसीईआरटी ने माफी मांगी है और कहा है कि यह एक अनजाने में हुई गलती थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इसे एक गहरी साजिश बताया है और कहा है कि न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की गई है।