यूपी की कथित एपस्टीन फाइल से जुड़े जेई रामभवन का जेल के अंदर भी था असर फांसी के बाद खुलीं कई परतें

लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े चर्चित मामले में फांसी की सजा पाए आरोपी रामभवन को लेकर नए खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि जेल में बंद रहने के दौरान भी उसका प्रभाव बना हुआ था और कई कैदी उसके इशारों पर काम करते थे। इस मामले को मीडिया में ‘यूपी की एपस्टीन फाइल’ के नाम से भी चर्चा मिली क्योंकि इसमें कई गंभीर आरोप और संवेदनशील पहलू जुड़े बताए गए।

 

सूत्रों के अनुसार बांदा जेल में बंद रहने के दौरान रामभवन को अन्य कैदियों से अलग तरह की सुविधाएं मिलने की बातें सामने आई हैं। दावा किया गया कि कुछ बंदी उसकी सेवा करते थे और भोजन पानी सहित रोजमर्रा के काम संभालते थे। जेल प्रशासन अब इन आरोपों की जांच में जुटा हुआ है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ।

 

मामला बच्चों के शोषण से जुड़ा होने के कारण पहले से ही बेहद संवेदनशील रहा है। जांच एजेंसियों ने इस केस में कई डिजिटल सबूत और दस्तावेज जुटाए थे जिसके आधार पर अदालत ने सख्त फैसला सुनाया। फांसी की सजा लागू होने के बाद अब जेल के अंदर की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करना जरूरी होता है ताकि किसी भी दोषी को विशेष सुविधा न मिल सके। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।

 

यह मामला राज्य में कानून व्यवस्था और जेल प्रबंधन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। अब जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि जेल के भीतर आरोपी का प्रभाव किन परिस्थितियों में बना रहा और किन स्तरों पर सुधार की जरूरत है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *