Maulana Kalbe Jawad Statement/ईरान:- मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों के बीच प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए ‘निवारक’ (preventative) मिसाइल हमले पर बोलते हुए मौलाना जवाद ने ईरान का बचाव किया और इस तनाव के पीछे अमेरिका की साम्राज्यवादी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
“ईरान ने कभी हमला नहीं किया”
मीडिया से बात करते हुए मौलाना कल्बे जवाद ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा, “ईरान ने इतिहास में कभी किसी राष्ट्र पर पहले हमला नहीं किया है; इसके विपरीत ईरान पर हमेशा हमले किए गए हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की छवि एक हमलावर की नहीं, बल्कि एक ऐसे देश की है जो हमेशा से बाहरी आक्रामकता का शिकार रहा है।
अमेरिका की ‘आधिपत्य’ नीति पर प्रहार
मौलाना जवाद ने इस पूरे संघर्ष को अमेरिका की एक सोची-समझी रणनीति बताया। उन्होंने कहा कि इजरायल का हमला केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं है, बल्कि इसके पीछे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) का हाथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका दुनिया भर में अपना दबदबा (Hegemony) कायम करना चाहता है और उसका अंतिम लक्ष्य पूरी दुनिया को अपना ‘गुलाम’ बनाना है।
अपराधी कौन, दुनिया जानती है
धर्मगुरु ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया जानती है कि असली अपराधी कौन है। उन्होंने संकेत दिया कि इजरायल का यह कदम अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है और इससे क्षेत्र में शांति की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो सकती हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते परमाणु युद्ध की आहट से सहमी हुई है। मौलाना के इस कड़े बयान ने भारत में भी इस मुद्दे पर नई बहस छेड़ दी है।