Sonal Chauhan reaches out to PM : अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार, कहा- ‘वापसी का रास्ता नहीं’

Sonal Chauhan reaches out to PM /मुंबई:-पश्चिम एशिया (Mid-East) में गहराते सैन्य संकट और अमेरिका-इस्राइल की ईरान पर संयुक्त एयरस्ट्राइक के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है। इस युद्ध की तपिश अब भारतीय नागरिकों और बॉलीवुड सितारों तक भी पहुंच गई है। मशहूर अभिनेत्री सोनल चौहान इस समय दुबई में फंसी हुई हैं और उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय से सुरक्षित घर वापसी की अपील की है।

युद्ध के कारण विमान सेवाएं ठप

सोनल चौहान जो पिछले कुछ दिनों से दुबई में थीं, ने बताया कि ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव और हवाई हमलों के कारण दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सहित कई प्रमुख हवाई मार्ग बंद कर दिए गए हैं। क्षेत्र में मिसाइल हमलों और सुरक्षा कारणों से दर्जनों उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों यात्री अधर में लटक गए हैं।

सोनल ने अपने इंस्टाग्राम और एक्स (Twitter) हैंडल पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा:

“माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मैं वर्तमान में जारी संकट के बीच दुबई में फंसी हुई हूं। सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और भारत लौटने का कोई स्पष्ट रास्ता नजर नहीं आ रहा है। मैं सुरक्षित घर वापसी के लिए सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग की प्रार्थना करती हूं। भारत सरकार की ओर से मिलने वाली किसी भी सहायता के लिए मैं सदैव आभारी रहूंगी।”

एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल

खबरों के सोनल चौहान अकेली ऐसी हस्ती नहीं हैं जो इस संकट का सामना कर रही हैं। ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु के भी दुबई एयरपोर्ट पर फंसे होने की खबरें आ रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दुबई एयरपोर्ट के टर्मिनलों पर यात्रियों की भारी भीड़ और घबराहट साफ देखी जा सकती है। ईरान द्वारा खाड़ी क्षेत्र में किए गए जवाबी हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित कई देशों ने अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसी कारण भारत आने वाली एयर इंडिया, इंडिगो और एमिरेट्स जैसी एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं फिलहाल स्थगित कर दी हैं।

भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की सक्रियता

सोनल चौहान की अपील के बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्थिति का संज्ञान लिया है। सूत्रों के अनुसार, दुबई में भारतीय दूतावास वहां फंसे भारतीय नागरिकों के संपर्क में है। विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा है कि खाड़ी देशों में मौजूद भारतीय नागरिक स्थानीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करें और घबराएं नहीं। सरकार फंसे हुए भारतीयों को निकालने के लिए ‘इवेक्युएशन प्लान’ (निकासी योजना) पर विचार कर रही है, लेकिन यह पूरी तरह से हवाई मार्ग की सुरक्षा पर निर्भर करेगा।

वैश्विक युद्ध का बढ़ता खतरा

यह संकट तब शुरू हुआ जब अमेरिका और इस्राइल ने शनिवार को ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले किए। जवाब में ईरान ने कतर और इराक में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इस तनाव ने खाड़ी देशों के पर्यटन और विमानन क्षेत्र को पूरी तरह से ठप कर दिया है।

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