Jaunpur News Updates /जौनपुर:-उत्तर प्रदेश सरकार के विकास दावों और धरातलीय हकीकत को परखने के लिए प्रशासन ने अब गाँवों का रुख तेज कर दिया है। इसी क्रम में जनपद जौनपुर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ध्रुव खंडिया ने धर्मापुर ब्लॉक के सरसौडा गांव में औचक निरीक्षण और जन चौपाल के माध्यम से विकास कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान जहाँ उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, वहीं कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों को आड़े हाथों लिया।
स्कूल में पढ़ाई के समय मीटिंग पर जताई नाराजगी
निरीक्षण की शुरुआत सीडीओ ने गांव के प्राथमिक विद्यालय से की। स्कूल पहुँचते ही उन्होंने सबसे पहले पठन-पाठन की स्थिति देखी। विद्यालय में प्रधानाध्यापक सुरेश कुमार की अनुपस्थिति पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। जब उन्हें अवगत कराया गया कि प्रधानाध्यापक बीआरसी (BRC) की किसी बैठक में गए हैं तो सीडीओ का पारा चढ़ गया।न्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि “शिक्षण कार्य के समय किसी भी प्रकार की बैठक का आयोजन नहीं होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई सर्वोपरि है और प्रशासनिक बैठकों के नाम पर स्कूलों से शिक्षकों की अनुपस्थिति कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ ने मौके पर मिड-डे मील (MDM) रजिस्टर की भी गहनता से जांच की और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।
गौशाला निरीक्षण: धीमी प्रगति पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी
चौपाल समाप्त करने के बाद सीडीओ ध्रुव खंडिया सरसौडा स्थित निर्माणाधीन गौशाला का निरीक्षण करने पहुँचे। वहां उन्होंने स्वयं गायों को भूसा और चारा खिलाकर व्यवस्थाओं को देखा। हालांकि, गौशाला के निर्माण कार्य की कछुआ चाल देखकर वह भड़क उठे। कार्यदायी संस्था की शिथिलता पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में देरी अपराध के समान है। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा और रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जन चौपाल: समस्याओं के निस्तारण का भरोसा
गांव में आयोजित चौपाल के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतों के साथ पहुँचे। सीडीओ ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं, जिनमें मुख्य रूप से आवास, पेंशन और नाली विवाद से जुड़े मामले शामिल थे। उन्होंने मौके पर मौजूद खंड विकास अधिकारी (BDO) को निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी तरीके से पहुँचाया जाए।
“शासन की मंशा है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे। इसमें बाधा डालने वाले या लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — ध्रुव खंडिया, सीडीओ जौनपुर