पटना (बिहार): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल पूरे राज्य में जोश और उम्मीदों से भरा रहा। दो चरणों में संपन्न हुए इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रही। इस बार कुल मतदान प्रतिशत 66.91 दर्ज किया गया जो अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है। महिलाओं ने मतदान में पुरुषों से भी अधिक उत्साह दिखाया और लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
एग्जिट पोल के अनुसार महिलाओं का झुकाव इस बार एनडीए की ओर अधिक दिखाई दिया। गांवों से लेकर शहरों तक महिलाओं ने एनडीए की योजनाओं और कार्यों पर भरोसा जताया। महिला सशक्तिकरण रोजगार सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े वादों ने उन्हें प्रभावित किया। खासकर जनधन योजना उज्ज्वला योजना और हर घर नल जल जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में बदलाव लाया है। यही कारण है कि एनडीए को महिलाओं के बड़े वोट बैंक का फायदा मिलता दिख रहा है।
एग्जिट पोल के मुताबिक एनडीए को 147 से 167 सीटें मिल सकती हैं जबकि महागठबंधन को 70 से 90 सीटें मिलने का अनुमान है। अन्य दलों का प्रदर्शन सीमित रहने की संभावना है। इस नतीजे ने यह साफ कर दिया है कि बिहार की राजनीति में महिलाओं की भूमिका अब निर्णायक हो चुकी है।
महागठबंधन ने भी महिलाओं को साधने की कोशिश की परंतु एनडीए के सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और स्थानीय स्तर पर मजबूत संगठन ने उसे बढ़त दिलाई। गांव की महिलाएं अब राजनीति को केवल पुरुषों का क्षेत्र नहीं मानतीं बल्कि वे अपनी पसंद और भविष्य के विकास के लिए खुद फैसला ले रही हैं। बिहार चुनाव 2025 ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं मजबूती से मतदान करती हैं तो लोकतंत्र और भी सशक्त बनता है।