मथुरा (उत्तर प्रदेश):- होली भारत का अत्यंत लोकप्रिय और उल्लासपूर्ण त्योहार है जो रंगों प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। सामान्यतः होली का नाम आते ही लोगों के मन में मथुरा और वृंदावन की छवि उभरती है लेकिन देश में कई ऐसे स्थान भी हैं जहां यह पर्व अलग परंपराओं और विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। यदि आप इस बार भीड़भाड़ से दूर शांत और अनोखे तरीके से होली मनाना चाहते हैं तो भारत की ये छह जगहें आपके लिए उत्तम विकल्प हो सकती हैं।
सबसे पहले बात करें बरसाना की जहां प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन होता है। यहां की परंपरा सदियों पुरानी है और महिलाएं तथा पुरुष पारंपरिक रीति रिवाजों के साथ उत्सव मनाते हैं। लोकगीत और ढोल की धुन पूरे वातावरण को रंगमय बना देती है।
राजस्थान का उदयपुर भी होली के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां शाही परंपराओं के साथ होलिका दहन किया जाता है और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से त्योहार को भव्य रूप दिया जाता है। झीलों के बीच मनाई जाने वाली होली पर्यटकों को अलग अनुभव प्रदान करती है।
दक्षिण भारत में स्थित हम्पी में होली ऐतिहासिक धरोहरों के बीच मनाई जाती है। यहां देश विदेश से आए लोग रंगों संगीत और नृत्य के साथ उत्सव का आनंद लेते हैं जिससे वातावरण उत्साह से भर जाता है।
पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में होली को बसंत उत्सव के रूप में मनाया जाता है जिसकी परंपरा महान कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर ने शुरू की थी। यहां छात्र पारंपरिक वेशभूषा में गीत संगीत और नृत्य प्रस्तुत करते हैं जो इस उत्सव को सांस्कृतिक रूप से विशेष बनाता है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में होली राजसी अंदाज में मनाई जाती है। यहां पारंपरिक जुलूस लोकनृत्य और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को आकर्षित करते हैं और त्योहार को भव्य रूप देते हैं।
पंजाब के आनंदपुर साहिब में होली के समय होला मोहल्ला उत्सव आयोजित किया जाता है जिसमें धार्मिक आयोजन युद्ध कौशल प्रदर्शन और सामुदायिक कार्यक्रम विशेष आकर्षण होते हैं।
इन सभी स्थानों की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं बल्कि भारत की विविध संस्कृति परंपरा और लोक जीवन को करीब से देखने का अवसर भी देती है। यदि आप इस बार कुछ नया अनुभव करना चाहते हैं तो इन जगहों की यात्रा आपकी होली को सचमुच यादगार बना सकती है।