नई दिल्ली :- केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने मिडिल ईस्ट क्षेत्र में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द होने की वायरल खबरों को पूरी तरह फर्जी बताया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा कथित सर्कुलर आधिकारिक नहीं है और छात्रों तथा अभिभावकों को ऐसी अफवाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए।
रिपोर्टों के अनुसार एक नकली नोटिस तेजी से वायरल हुआ था जिसमें दावा किया गया था कि क्षेत्र में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस नोटिस से विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के बीच भ्रम और चिंता फैल गई। बाद में सीबीएसई ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे गलत और भ्रामक सूचना बताया।
बोर्ड ने कहा कि परीक्षाएं रद्द नहीं की गई हैं। हालांकि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए कुछ मिडिल ईस्ट देशों में 2 मार्च को होने वाली परीक्षाओं को केवल स्थगित किया गया है और नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।
सीबीएसई ने छात्रों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और स्कूलों से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें। बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी कि परीक्षा के दौरान अक्सर गलत खबरें और अफवाहें फैलती हैं जिनसे छात्रों को गुमराह किया जाता है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अफवाहें छात्रों के मानसिक दबाव को बढ़ाती हैं इसलिए किसी भी सूचना की पुष्टि करना जरूरी है। फिलहाल भारत में आयोजित हो रही परीक्षाओं के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है और स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
अब बोर्ड की अगली आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है जिसमें नई परीक्षा तिथियों की जानकारी दी जाएगी।