Indo-MIM IPO Stakes : इंडो-एमआईएम के आईपीओ से कमाएगा ₹70 करोड़; नवाचार और शोध पर खर्च होगी भारी रकम

Indo-MIM IPO Stakes/मुंबई:-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास न केवल शिक्षा और शोध में अग्रणी है बल्कि अब वह निवेश और ‘वेल्थ क्रिएशन’ (संपत्ति सृजन) के मामले में भी देश के अन्य संस्थानों के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इंडो-एमआईएम (Indo-MIM) के आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर आईआईटी मद्रास लगभग ₹70 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। यह कदम किसी भी भारतीय शैक्षणिक संस्थान द्वारा स्टार्टअप निवेश से मिलने वाले सबसे बड़े ‘एग्जिट’ (Exit) रिटर्न में से एक माना जा रहा है।

एक दशक पुराना निवेश बना ‘सोने का अंडा’

आईआईटी मद्रास का इंडो-एमआईएम के साथ जुड़ाव काफी पुराना है। संस्थान ने वर्षों पहले इस कंपनी में एक ‘इंक्यूबेशन’ सहयोगी या रणनीतिक निवेशक के रूप में छोटी हिस्सेदारी हासिल की थी।

हिस्सेदारी की बिक्री: इंडो-MIM के IPO में ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) के जरिए संस्थान अपने पास मौजूद शेयरों का एक हिस्सा सार्वजनिक निवेशकों को बेचेगा।

अनुमानित मूल्य: बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी के वैल्युएशन के आधार पर IIT मद्रास की इस हिस्सेदारी की कीमत ₹70 करोड़ के आसपास बैठेगी।

यह सफलता दर्शाती है कि यदि शैक्षणिक संस्थान सही समय पर सही तकनीक और स्टार्टअप में निवेश करें, तो वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं।

₹70 करोड़ का क्या होगा? नवाचार और अनुसंधान पर जोर

संस्थान के सूत्रों के अनुसार इस विशाल राशि का उपयोग किसी प्रशासनिक कार्य के बजाय भविष्य की तकनीकों को विकसित करने में किया जाएगा। योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

स्टार्टअप इंक्यूबेशन: इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा IIT-M प्रवर्त्तक टेक्नोलॉजीज फाउंडेशन और इनक्यूबेशन सेल को दिया जाएगा, ताकि डीप-टेक (Deep-tech) स्टार्टअप्स को शुरुआती फंडिंग दी जा सके।

विश्वस्तरीय लैब का निर्माण: संस्थान सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और सस्टेनेबल एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) के क्षेत्र में नई लैब स्थापित करने पर विचार कर रहा है।

छात्रों के लिए छात्रवृत्ति: आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों के लिए नए स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किए जा सकते हैं।

पेटेंट और रिसर्च: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध पत्रों के प्रकाशन और पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अलग से फंड आवंटित किया जाएगा।

इंडो-एमआईएम: वैश्विक स्तर पर एक बड़ी ताकत

इंडो-एमआईएम (MIM) दुनिया की प्रमुख मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग कंपनियों में से एक है जो एयरोस्पेस, मेडिकल और ऑटोमोबाइल उद्योगों के लिए जटिल पुर्जे बनाती है। कंपनी का IPO बाजार में काफी चर्चा में है क्योंकि इसका रेवेन्यू मॉडल और वैश्विक उपस्थिति बहुत मजबूत है। IIT मद्रास जैसी प्रतिष्ठित संस्था का इसके साथ नाम जुड़ना निवेशकों के भरोसे को और बढ़ाता है।

शिक्षा जगत के लिए एक नया ‘बिजनेस मॉडल’

आईआईटी(IIT) मद्रास के निदेशक ने अक्सर इस बात पर जोर दिया है कि संस्थानों को केवल सरकारी अनुदान (Grants) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। यह ‘स्टेक सेल’ (हिस्सेदारी बिक्री) साबित करती है कि शोध और उद्योग के बीच का तालमेल कैसे वित्तीय स्वतंत्रता दिला सकता है। इससे पहले भी IIT मद्रास ने कई सफल स्टार्टअप्स जैसे ‘एथर एनर्जी’ (Ather Energy) में शुरुआती निवेश किया था।

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