Pentagon deal : ट्रंप ने एंथ्रोपिक को किया बाहर, पेंटागन के साथ सैम ऑल्टमैन का ₹1600 करोड़ का सौदा

Pentagon deal/वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) और एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक के बीच हफ्तों से चला आ रहा विवाद अब एक नाटकीय मोड़ पर समाप्त हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एंथ्रोपिक को “राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा” बताते हुए सभी सरकारी एजेंसियों को इस कंपनी की तकनीक का इस्तेमाल तुरंत बंद करने का आदेश दिया। इस आदेश के कुछ ही घंटों बाद, सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली ओपनएआई ने पेंटागन के क्लासीफाइड नेटवर्क के लिए एक बड़ा रक्षा समझौता हासिल कर लिया है।

एंथ्रोपिक बनाम ट्रंप: ‘सेफगार्ड्स’ पर छिड़ी जंग

यह पूरा विवाद एआई मॉडल ‘क्लाउड’ (Claude) की सुरक्षा सीमाओं (Guardrails) को लेकर था। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने स्पष्ट किया था कि वे अपनी तकनीक का उपयोग घरेलू सामूहिक निगरानी (Mass Surveillance) या पूरी तरह से स्वायत्त घातक हथियारों (Autonomous Weapons) के लिए नहीं होने देंगे।

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस रुख को “वामपंथी” और “कमजोर” बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा:

“संयुक्त राज्य अमेरिका कभी भी किसी ‘वोक’ (Woke) कंपनी को यह तय करने की अनुमति नहीं देगा कि हमारी महान सेना कैसे लड़ेगी और युद्ध जीतेगी।”

सरकार ने एंथ्रोपिक को 6 महीने के भीतर सेना से बाहर करने का आदेश दिया है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा वित्तीय और प्रतिष्ठा का झटका है।

ओपनएआई का ‘सुरक्षित’ समझौता

दिलचस्प बात यह है कि ओपनएआई ने वही शर्तें मनवा ली हैं जिनके लिए एंथ्रोपिक संघर्ष कर रही थी। सैम ऑल्टमैन ने घोषणा की कि पेंटागन के साथ उनके $200 मिलियन (लगभग ₹1660 करोड़) के समझौते में कड़े सुरक्षा मानक (Safeguards) शामिल हैं।

ओपनएआई के समझौते की मुख्य विशेषताएं:

सामूहिक निगरानी पर रोक: अमेरिकी नागरिकों की घरेलू निगरानी के लिए एआई का उपयोग नहीं किया जाएगा।

मानवीय नियंत्रण: घातक बल (Lethal force) के उपयोग के लिए हमेशा एक इंसान की जिम्मेदारी तय होगी; पूरी तरह स्वायत्त हथियार प्रणालियों पर प्रतिबंध रहेगा।

इंजीनियरों की तैनाती: ओपनएआई अपने विशेषज्ञ इंजीनियरों को सीधे पेंटागन में तैनात करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एआई मॉडल तय सीमाओं के भीतर ही काम करें।

पेंटागन का बदला हुआ नाम और नई नीति

ट्रंप प्रशासन के तहत रक्षा मंत्रालय को अब आधिकारिक तौर पर ‘डिपार्टमेंट ऑफ वॉर’ (Department of War) के रूप में संदर्भित किया जा रहा है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि सेना को ऐसी तकनीक चाहिए जो “बिना किसी बाधा के” काम करे, लेकिन वे ओपनएआई द्वारा प्रस्तावित तकनीकी सुरक्षा उपायों पर सहमत हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ओपनएआई ने बहुत चतुराई से एंथ्रोपिक द्वारा छोड़े गए खाली स्थान को भर दिया है। ऑल्टमैन ने अन्य एआई कंपनियों से भी अपील की है कि वे कानूनी विवादों के बजाय “तर्कसंगत समझौतों” की ओर बढ़ें।

भविष्य की चुनौतियाँ और वैश्विक असर

यह सौदा न केवल तकनीक बल्कि नैतिकता की भी लड़ाई है। जहाँ एक तरफ सरकार एआई पर पूर्ण नियंत्रण चाहती है, वहीं टेक कंपनियां अपनी साख बचाने के लिए सुरक्षा सीमाओं पर अड़ी हैं।

सिलिकॉन वैली में हलचल: इस फैसले से अन्य टेक दिग्गज जैसे गूगल और एक्सएआई (xAI) भी सतर्क हो गए हैं।

निवेशकों की चिंता: एंथ्रोपिक को ‘सप्लाई चेन रिस्क’ घोषित करने से उसके आगामी आईपीओ (IPO) और निजी निवेश पर बुरा असर पड़ सकता है।

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