Tehran Heart Bombing : ईरान-इजरायल युद्ध: तेहरान के ‘दिल’ पर इजरायल का बड़ा हमला; राजधानी में मची भारी तबाही, खामेनेई की मौत के बाद तनाव चरम पर

Tehran Heart Bombing/तेहरान:-मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब उस मुहाने पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी का रास्ता नज़र नहीं आ रहा है। इजरायली सेना (IDF) ने आज सुबह ईरान की राजधानी तेहरान में “बड़े पैमाने पर हमले” (Large-Scale Strikes) शुरू करने की घोषणा की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेहरान के मध्य इलाकों, विशेष रूप से सैय्यद खदान और क़स्र क्षेत्रों में एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाके सुने गए। इन हमलों का उद्देश्य ईरानी शासन के मुख्य केंद्रों और सैन्य बुनियादी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना बताया जा रहा है।

तेहरान में तबाही का मंजर

सोमवार तड़के शुरू हुए इन हमलों ने पूरी राजधानी को हिलाकर रख दिया है।

सरकारी ठिकानों पर निशाना: इजरायली लड़ाकू विमानों ने उन क्षेत्रों को निशाना बनाया है जहाँ प्रमुख सरकारी इमारतें और सैन्य मुख्यालय स्थित हैं।

अस्पताल और नागरिक ठिकानों पर असर: ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, उत्तरी तेहरान में स्थित गांधी अस्पताल भी इन हमलों की चपेट में आया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में अस्पताल के भीतर मलबे और टूटी हुई व्हीलचेयरों के बीच अफरा-तफरी का माहौल देखा जा सकता है।

पुलिस मुख्यालय ध्वस्त: रे (Rey) शहर के पुलिस मुख्यालय और आस-पास की आवासीय इमारतों पर भी मिसाइलें गिरी हैं, जिसमें कई नागरिकों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

खामेनेई की मौत के बाद प्रतिशोध की आग

यह हवाई हमला शनिवार को हुए उस भीषण बमबारी के ठीक दो दिन बाद हुआ है जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि हुई थी।

ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने इजरायल के तेल अवीव और बेइत शेमेश (Beit Shemesh) जैसे शहरों पर बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार कर दी है। बेइत शेमेश में एक शेल्टर पर हुए हमले में कम से कम 9 इजरायली नागरिकों की मौत हो गई है।

अमेरिकी भागीदारी: रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी सेना भी सक्रिय रूप से इजरायल का साथ दे रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उन्होंने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्य मुख्यालय को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।

वैश्विक प्रभाव और आर्थिक संकट

इस युद्ध ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है:

तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे भारत सहित कई देशों में ईंधन महंगा होने का खतरा बढ़ गया है।

हवाई सेवा बाधित: मिडिल ईस्ट का हवाई क्षेत्र (Airspace) लगभग बंद कर दिया गया है। एयर इंडिया सहित कई वैश्विक एयरलाइंस ने अपनी उड़ानें रद्द कर दी हैं या लंबे रास्तों का उपयोग कर रही हैं।

गठबंधन का उदय: ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने भी खाड़ी क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए “रक्षात्मक कार्रवाई” करने की चेतावनी दी है।

क्या रुक पाएगी यह जंग?

इजरायली रक्षा मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनके सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, यह “हवाई ट्रेन” (Air Train) रुकने वाली नहीं है। वहीं, ईरान के अंतरिम नेतृत्व ने इस हमले को “पूरी मुस्लिम दुनिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा” करार दिया है। भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है लेकिन जिस तरह से हमले तेहरान के रिहायशी और प्रशासनिक क्षेत्रों तक पहुँच गए हैं उससे युद्ध विराम की उम्मीदें फिलहाल धूमिल नज़र आ रही हैं।

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