Land dispute/बहराइच(उत्तर प्रदेश):-उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है जहाँ संपत्ति के लालच में एक युवक ने रिश्तों का कत्ल कर दिया। मामूली जमीन विवाद और गहनों की जिद में पागल हुए एक युवक ने बीती रात अपने ही माता-पिता, दादी और सगी बहन की कुल्हाड़ी से काटकर नृशंस हत्या कर दी। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
खून से लाल हुए रिश्ते
मिली जानकारी के अनुसार घटना बहराइच के एक ग्रामीण इलाके की है। आरोपी युवक पिछले काफी समय से अपने माता-पिता पर जमीन बेचने और घर में रखे गहनों को उसे सौंपने का दबाव बना रहा था। रविवार की देर रात घर में इसी बात को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि युवक ने आपा खो दिया और पास रखी कुल्हाड़ी उठाकर अपने परिजनों पर हमला कर दिया।
सोए हुए परिजनों पर बरपाया कहर
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमला उस समय हुआ जब परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे। आरोपी ने सबसे पहले अपने पिता पर वार किया, जिसके बाद बीच-बचाव करने आई उसकी मां और दादी को भी उसने बेरहमी से काट डाला। चीख-पुकार सुनकर जब उसकी छोटी बहन मदद के लिए दौड़ी, तो आरोपी ने उसे भी नहीं बख्शा। चारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
क्या थी हत्या की मुख्य वजह?
ग्रामीणों और पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे की मुख्य वजह जमीन का विवाद और पैसों का लालच है। बताया जा रहा है कि:
आरोपी अपनी पुश्तैनी जमीन का एक हिस्सा बेचकर पैसे चाहता था।
वह घर में रखे पुराने जेवर और नकदी पर अपना हक जता रहा था।
पिता द्वारा बार-बार मना किए जाने के कारण उसके मन में रंजिश पैदा हो गई थी।
नशे की लत और कर्ज के बोझ की बात भी सामने आ रही है जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। चारों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि आरोपी को वारदात के कुछ ही घंटों बाद पास के जंगलों से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है। “यह एक अत्यंत जघन्य अपराध है। आरोपी ने नृशंसता की सारी हदें पार कर दी हैं। पुलिस ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी की जाएगी ताकि अपराधी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।” – स्थानीय पुलिस प्रशासन
समाज पर गहरा प्रभाव
इस घटना ने एक बार फिर समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भौतिक सुख और संपत्ति के लिए मानवीय संवेदनाएं खत्म होती जा रही हैं? एक ही झटके में एक पूरा हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। गांव में मातम छाया हुआ है और लोग इस कलयुगी बेटे के कृत्य पर थू-थू कर रहे हैं।