Renewable Natural Gas : योगी सरकार का दावा—UP के 6,004 श्रमिक सुरक्षित, 24×7 मॉनिटरिंग और हेल्पलाइन जारी

Renewable Natural Gas/लखनऊ:-पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इजराइल-ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ी राहत भरी खबर दी है। प्रदेश सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि इजराइल के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत उत्तर प्रदेश के सभी 6,004 निर्माण श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति पर शासन स्तर से सीधी नजर रखी जा रही है।

सरकार का दावा: स्थिति सामान्य, श्रमिक सुरक्षित

उत्तर प्रदेश के श्रम और सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने रविवार देर शाम और सोमवार सुबह स्थिति की समीक्षा करने के बाद कहा कि राज्य सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इजराइल में मौजूद 6,000 से अधिक श्रमिक अपनी-अपनी कार्यस्थलों पर सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। मंत्री राजभर ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हमारा विभाग दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय और तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के साथ निरंतर संपर्क में है। अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे सभी भाई सुरक्षित हैं और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।”

सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 24×7 हेल्पलाइन और शेल्टर

सरकार ने श्रमिकों और उनके चिंतित परिजनों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:

24×7 हेल्पलाइन नंबर: तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने आपात स्थिति के लिए +972-54-7520711 और +972-54-2428378 जारी किए हैं। इसके अतिरिक्त, इजराइली एजेंसी PIBA ने भी सहायता नंबर जारी किया है।

सुरक्षित शेल्टर: भारतीय दूतावास की प्रथम सचिव डॉ. गारिका तेजेश्वर ने आश्वस्त किया है कि अधिकांश निर्माण स्थलों पर ‘प्रोटेक्टिव शेल्टर’ (सुरक्षा बंकर) उपलब्ध हैं। श्रमिकों को निर्देश दिए गए हैं कि सायरन बजने या आपात स्थिति में वे तुरंत इन सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

अनावश्यक आवाजाही पर रोक: सरकार ने श्रमिकों को सलाह दी है कि वे अपने कार्यस्थल और निवास के बाहर अनावश्यक यात्रा न करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

कैसे पहुंचे थे ये मजदूर इजराइल?

ये सभी 6,004 श्रमिक वर्ष 2024 में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और इजराइल की सरकारी संस्था PIBA के बीच हुए समझौते के तहत चयनित होकर गए थे। इनमें से अधिकांश श्रमिक राजमिस्त्री, टाइल फिक्सर और लोहे का काम करने वाले (Iron Benders) हैं। इजराइल में श्रम संकट को देखते हुए भारत सरकार ने इस पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए उन्हें वहां भेजा था।

परिजनों की चिंता और सरकार का आश्वासन

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों—जैसे गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और लखनऊ—से गए इन मजदूरों के परिवार पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात को देखकर डरे हुए हैं। सोशल मीडिया और समाचारों में युद्ध की खबरों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमुख सचिव (श्रम) डॉ. एम.के. शन्मुगा सुन्दरम् ने बताया कि उन्होंने इजराइल में भारत के राजदूत जे.पी. सिंह से स्वयं फोन पर बात की है। राजदूत ने पुष्टि की है कि स्थिति नियंत्रण में है और भारतीय समुदाय को हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।

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