Diplomatic Tension : अमेरिकी दूतावास ने वीजा सेवाएं कीं सस्पेंड, हिंसक प्रदर्शनों के बाद ‘सुरक्षा अलर्ट’ जारी

Diplomatic Tension/इस्लामाबाद:-पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति तेजी से बिगड़ने के बाद इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सोमवार, 2 मार्च 2026 से सभी वीजा नियुक्तियों (Visa Appointments) को अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दिया है। यह कदम देश के विभिन्न शहरों, विशेषकर कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया है।

हिंसा की शुरुआत और कराची में तनाव

ताजा विवाद की शुरुआत ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बाद हुई। रविवार, 1 मार्च को कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (Consulate) के बाहर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए और वाणिज्य दूतावास के परिसर में घुसने की कोशिश की। खबरों के मुताबिक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें गोलीबारी की भी खबरें आईं। इस झड़प में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और दूतावास की बाहरी दीवारों को नुकसान पहुंचाया।

अमेरिकी दूतावास का आधिकारिक बयान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी किया। बयान में कहा गया:”कराची, लाहौर और इस्लामाबाद में जारी प्रदर्शनों और सुरक्षा जोखिमों के कारण, सोमवार, 2 मार्च के लिए निर्धारित सभी वीजा इंटरव्यू और अन्य कांसुलर सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। आवेदकों को नई तारीखें स्वतः (Automatically) आवंटित की जाएंगी।”

दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे:

भीड़भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहें।

स्थानीय समाचारों पर कड़ी नजर रखें।

अपनी यात्रा योजनाओं में लचीलापन रखें और सतर्क रहें।

वीजा सेवाओं पर दोहरा संकट

पाकिस्तानियों के लिए अमेरिकी वीजा प्राप्त करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। जनवरी 2026 में अमेरिकी प्रशासन ने नई नीतियों के तहत पहले ही इमिग्रेंट वीजा (Immigrant Visa) पर रोक लगा दी थी। अब इस ताजा हिंसा ने नॉन-इमिग्रेंट वीजा (टूरिस्ट, स्टूडेंट) चाहने वालों के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दूतावास की तालाबंदी से हजारों छात्र और कारोबारी प्रभावित हुए हैं जिनकी नियुक्तियां सोमवार के लिए तय थीं।

क्षेत्रीय तनाव का असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले सप्ताह ईरान पर हुए हमलों और महत्वपूर्ण ईरानी हस्तियों की कथित हत्या के बाद पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावनाएं चरम पर हैं। कराची के अलावा लाहौर और पेशावर में भी अमेरिकी मिशनों के बाहर सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है। पाकिस्तानी रेंजर्स और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं ताकि प्रदर्शनकारियों को ‘रेड जोन’ में घुसने से रोका जा सके।

आगे क्या?

फिलहाल इस्लामाबाद में सन्नाटा है लेकिन तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। अमेरिकी विदेश विभाग ने संकेत दिया है कि जब तक स्थानीय सुरक्षा स्थिति की पूरी समीक्षा नहीं हो जाती और दूतावास के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी। यह स्थिति न केवल कूटनीतिक संबंधों के लिए बल्कि उन हजारों पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भी एक बड़ा झटका है जो उच्च शिक्षा या रोजगार के लिए अमेरिका जाने की प्रक्रिया में थे।

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