Market crash : पश्चिम एशिया की जंग से दहला दलाल स्ट्रीट, सेंसेक्स 1072 अंक टूटा; निवेशकों के 8 लाख करोड़ डूबे

Market crash /मुंबई:-भारतीय शेयर बाजार के लिए सप्ताह का पहला दिन ‘ब्लैक मंडे’ साबित हुआ। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, विशेष रूप से ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच सीधे टकराव की खबरों ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट को भी बुरी तरह झकझोर दिया है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1,072 अंक से अधिक लुढ़क गया जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,900 के स्तर के नीचे चला गया।

निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये स्वाहा

बाजार में आई इस सुनामी के कारण चंद मिनटों में ही निवेशकों की भारी पूंजी डूब गई। बीएसई (BSE) में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (Market Cap) पिछले सत्र के लगभग 463 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 455 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। यानी महज एक दिन की गिरावट ने निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपये साफ कर दिए।

गिरावट के मुख्य कारण: क्यों मचा हाहाकार?

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, इस बड़ी गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:

ईरान-इजराइल महायुद्ध का डर: हालिया रिपोर्टों के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता और अन्य सैन्य अधिकारियों पर हुए हमलों के बाद तनाव चरम पर है। निवेशकों को डर है कि यदि यह युद्ध लंबा खिंचा तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह चरमरा जाएगी।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल: तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 8% से अधिक उछलकर बहु-महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली: वैश्विक अनिश्चितता के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित ठिकानों (जैसे सोना या डॉलर) में लगा रहे हैं।

इन शेयरों में दिखी सबसे बड़ी गिरावट

बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। विशेष रूप से वे सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए जो कच्चे तेल की कीमतों के प्रति संवेदनशील हैं।

टॉप लूजर्स: इंडिगो (Aviation), एशियन पेंट्स (Paints), लार्सन एंड टुब्रो (L&T), अडाणी पोर्ट्स और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2% से 5% तक की गिरावट दर्ज की गई।

आईटी और बैंकिंग: निफ्टी आईटी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में भी 1.5% से अधिक की गिरावट रही।

एक्सपर्ट की राय: क्या करें निवेशक?

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार का कहना है “पश्चिम एशिया में अनिश्चितता निकट भविष्य में बाजार पर हावी रहेगी। जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी। निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में खरीदारी से बचना चाहिए और ‘वेट एंड वॉच’ की नीति अपनानी चाहिए।”हालांकि इस गिरावट के बीच डिफेंस (रक्षा) सेक्टर के शेयरों जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) में हल्की मजबूती देखी गई है क्योंकि वैश्विक तनाव के बीच रक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *