Iran Israel War 2026: मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल युद्ध अब वैश्विक टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद हालात तेजी से बदल रहे हैं और कई बड़े देश खुलकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में तीन प्रमुख यूरोपीय देशों ने अमेरिका और इजराइल के साथ समन्वय बढ़ाने के संकेत दिए हैं जिससे युद्ध का दायरा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटेन फ्रांस और जर्मनी ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। इन देशों ने कहा कि ईरान की कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा और नागरिकों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ है और जरूरत पड़ने पर रक्षात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
ब्रिटेन ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देने का फैसला भी किया है ताकि ईरानी मिसाइल क्षमताओं को रोका जा सके। इस निर्णय को सामूहिक सुरक्षा के तहत उठाया गया कदम बताया गया है।
इधर अमेरिका और इजराइल लगातार ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले तेज कर रहे हैं जबकि ईरान भी जवाबी मिसाइल हमले कर रहा है। संघर्ष अब लेबनान और खाड़ी क्षेत्र तक फैल चुका है जिससे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ रहा है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोपीय देश सीधे युद्ध में शामिल नहीं हुए हैं बल्कि फिलहाल “रक्षात्मक समर्थन” और रणनीतिक सहयोग की स्थिति में हैं। उनका मुख्य उद्देश्य अपने नागरिकों और हितों की सुरक्षा बताई जा रही है।
क्या ईरान सच में अंत के करीब है यह कहना अभी जल्दबाजी होगी क्योंकि ईरान की सैन्य संरचना और क्षेत्रीय सहयोगी अब भी सक्रिय हैं। लेकिन इतना तय है कि अगर और देश खुलकर किसी एक पक्ष में उतरते हैं तो यह संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध से आगे बढ़कर वैश्विक संकट बन सकता है।