Cyber attack : इजराइल का ईरान पर भीषण साइबर हमला, लाखों मोबाइल पर गूंजा ‘सरेंडर अलर्ट’; तेहरान में हड़कंप

Cyber attack/तेहरान:-पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष अब एक खतरनाक डिजिटल मोड़ ले चुका है। सोमवार सुबह इजराइल ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ‘साइबर ऑपरेशन’ अंजाम दिया। इस हमले के तहत ईरान के लाखों नागरिकों और सैन्य अधिकारियों के स्मार्टफोन पर एक साथ ‘सरेंडर अलर्ट’ (आत्मसमर्पण की चेतावनी) भेजा गया, जिससे पूरे देश में अफरा-तफरी मच गई। तकनीक और युद्ध के इस घातक मेल ने तेहरान के सुरक्षा तंत्र की चूलें हिला दी हैं।

लाखों स्क्रीन पर एक साथ दिखा ‘मौत का संदेश’

ईरानी समय के अनुसार सुबह करीब 10:15 बजे, राजधानी तेहरान सहित इस्फहान और शिराज जैसे बड़े शहरों में अचानक लोगों के मोबाइल फोन वाइब्रेट होने लगे। स्क्रीन पर फारसी भाषा में एक संदेश चमक रहा था: “प्रतिरोध व्यर्थ है। अपनी जान बचाने के लिए तुरंत आत्मसमर्पण करें। आपकी लोकेशन ट्रैक की जा रही है।” हैरानी की बात यह थी कि यह संदेश न केवल आम जनता, बल्कि ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के जवानों और सरकारी अधिकारियों के एन्क्रिप्टेड फोनों पर भी पहुंचा। इस अलर्ट के साथ ही कई फोनों के स्पीकर से सायरन जैसी आवाजें आने लगीं, जिन्हें मैन्युअल रूप से बंद करना असंभव हो गया था।

सरकारी ढांचा और इंटरनेट ठप

इजराइली साइबर यूनिट ‘8200’ द्वारा किए गए इस कथित हमले का असर सिर्फ मोबाइल मैसेज तक सीमित नहीं रहा।

इंटरनेट ब्लैकआउट: ईरान के लगभग 70% हिस्से में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं।

बैंकिंग सेवाएं: ईरान के मुख्य बैंकों के सर्वर डाउन हो गए, जिससे एटीएम और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन रुक गए।

पेट्रोल पंप: देशभर के डिजिटल पेट्रोल पंपों पर स्क्रीन ‘आउट ऑफ सर्विस’ दिखाने लगीं, जिससे सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

ईरान का पलटवार और घबराहट

ईरान के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे “डिजिटल आतंकवाद” करार दिया है। तेहरान के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह हमला केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि देश के भीतर गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा करने के लिए किया गया है। स्थानीय निवासी सोशल मीडिया (जो वीपीएन के जरिए चल रहे थे) पर वीडियो साझा कर रहे हैं, जिसमें लोग सड़कों पर बदहवास भागते और अपने फोन को फेंकते नजर आ रहे हैं।

इजराइल की ‘साइबर साइकोलॉजिकल’ रणनीति

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इजराइल ने ‘साइकोलॉजिकल वारफेयर’ (मनोवैज्ञानिक युद्ध) के तहत यह कदम उठाया है। एक तरफ सीमा पर मिसाइलें गरज रही हैं, तो दूसरी तरफ डिजिटल माध्यम से सीधे नागरिकों के दिमाग पर हमला किया जा रहा है। इजराइल के रक्षा मंत्रालय ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि “दुश्मन को घुटनों पर लाने के लिए अब गोलियों की जरूरत नहीं, कोड ही काफी है।”

विशेषज्ञों की चेतावनी: क्या यह महायुद्ध की शुरुआत है?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. समीर गुप्ता के अनुसार, “यह हमला दिखाता है कि इजराइल ने ईरान के सरकारी क्लाउड और सुरक्षा फायरवॉल में गहरी सेंध लगा ली है। अगर किसी देश का पूरा कम्युनिकेशन सिस्टम एक बटन दबाकर हैक किया जा सकता है, तो वह देश युद्ध हारने की कगार पर है।”

आगे क्या होगा?

इस हमले के बाद ईरान ने ‘रेड अलर्ट’ जारी कर दिया है और अपनी मुख्य साइबर कमांड को जवाबी हमले के निर्देश दिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ईरान अब इजराइल के पावर ग्रिड या जल आपूर्ति प्रणालियों को निशाना बना सकता है। फिलहाल, ईरान में जनजीवन अस्त-व्यस्त है और लोग अपने डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल करने से डर रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *