CEPA Trade 2026/नई दिल्ली:-भारत और कनाडा के बीच लंबे समय से जमी कूटनीतिक बर्फ अब पूरी तरह पिघल चुकी है। सोमवार को दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने दोनों देशों के भविष्य की दिशा तय कर दी है। इस मुलाकात का सबसे बड़ा आकर्षण $2.6 बिलियन (लगभग 21,000 करोड़ रुपये) का यूरेनियम आपूर्ति समझौता रहा, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
यूरेनियम डील: भारत की परमाणु ऊर्जा को मिली नई शक्ति
दोनों देशों ने नागरिक परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाते हुए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। कनाडा की दिग्गज कंपनी ‘कैमेको’ (Cameco) अगले 9 वर्षों तक भारत को 2.2 करोड़ पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति करेगी।
महत्व: यह सौदा भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करेगा।
भरोसा: 2018 के बाद किसी कनाडाई प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा है जो दर्शाती है कि दोनों देश पुराने विवादों को पीछे छोड़कर रणनीतिक साझीदारी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
व्यापार और तकनीक: $50 बिलियन का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी और मार्क कार्नी ने ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते’ (CEPA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है।
व्यापार लक्ष्य: दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $50 बिलियन तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
तकनीकी सहयोग: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज) और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग के लिए कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया।
सीईओ फोरम: दोनों प्रधानमंत्रियों ने भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शिरकत की जहाँ निवेश के नए रास्तों पर चर्चा हुई
खालिस्तान और सुरक्षा चुनौतियों पर ‘साझा रोडमैप‘
पिछले वर्षों में तनाव का मुख्य कारण रहे अलगाववाद और सुरक्षा मुद्दों पर भी इस बार सकारात्मक रुख दिखा। दोनों देशों ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक ‘साझा कार्ययोजना’ (Shared Workplan) तैयार की है। मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार ‘सॉवरेन ऑटोनोमी’ और आपसी संप्रभुता का सम्मान करती है, जो भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री(PM) मोदी का बयान
संयुक्त प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने कहा, “प्रधानमंत्री कार्नी की यह यात्रा हमारे रिश्तों में एक नई ऊर्जा लेकर आई है। यूरेनियम से लेकर फ्री ट्रेड तक, हमारी साझेदारी न केवल हमारे नागरिकों के लिए बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।”