Israel-Iran conflict : केरल के प्रवासियों में बढ़ी घबराहट, सुरक्षा को लेकर गहराया डर

Israel-Iran conflict/दुबई: पश्चिम एशिया में इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (GCC) के देशों में रहने वाले केरल के प्रवासियों और उनके परिवारों को गहरी चिंता में डाल दिया है। ईरान द्वारा खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हालिया जवाबी हमलों की खबरों के बाद, यूएई, कतर, कुवैत और बहरीन जैसे देशों में रह रहे मलयाली समुदाय के बीच “अनिश्चितता और भय” का माहौल है।

ग्राउंड जीरो से रिपोर्ट: धमाके और सायरन के बीच रातें

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर से मिल रही रिपोर्टों के अनुसार रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात कई इलाकों में मिसाइल इंटरसेप्शन (मिसाइलों को हवा में मार गिराने) की आवाज़ें सुनी गईं। दुबई और दोहा के पास रहने वाले प्रवासियों ने बताया कि धमाकों की गूँज इतनी तेज़ थी कि घरों की खिड़कियाँ तक हिल गईं। कुवैत में रहने वाले एक मलयाली प्रवासी ने बताया, “हमने पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं देखी। हालांकि स्थानीय प्रशासन सुरक्षा का आश्वासन दे रहा है, लेकिन बार-बार बजने वाले सायरन और उड़ानों का रद्द होना हमें डरा रहा है।” कई देशों ने अपना हवाई क्षेत्र (Airspace) अस्थायी रूप से बंद कर दिया है, जिससे केरल जाने वाले हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं।

केरल में परिवारों की बढ़ी बेचैनी

केरल के लगभग हर दूसरे घर का कोई न कोई सदस्य खाड़ी देशों में कार्यरत है। यही कारण है कि कोच्चि, मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम जैसे जिलों में परिवार टीवी स्क्रीन और सोशल मीडिया अपडेट्स से चिपके हुए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री का पत्र: “खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों, विशेषकर केरलवासियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केंद्र सरकार को स्थिति की बारीकी से निगरानी करनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर प्रवासियों को सुरक्षित निकालने (Evacuation) की योजना तैयार रखनी चाहिए।”

शिक्षा और रोजगार पर असर

तनाव का असर शिक्षा पर भी पड़ा है। केरल सरकार ने खाड़ी देशों में होने वाली एसएसएलसी और हायर सेकेंडरी की परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इसके अलावा कई प्रवासियों को डर है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो तेल की कीमतों में उछाल और आर्थिक अस्थिरता के कारण उनकी नौकरियों पर भी संकट आ सकता है।

राहत की कोशिशें: नोर्का (NORKA) हेल्पडेस्क

केरल सरकार के प्रवासी विभाग ‘नोर्का रूट्स’ ने प्रवासियों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

हेल्पडेस्क का काम: प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच संपर्क बनाए रखना।

दूतावास से समन्वय: भारतीय दूतावासों के माध्यम से सुरक्षा प्रोटोकॉल साझा करना।

स्थानीय गाइडलाइंस: प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

हालांकि यूएई जैसे देशों के विश्लेषकों का कहना है कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं लेकिन युद्ध की आहट ने प्रवासियों के मन में एक ऐसा घाव कर दिया है जिसे भरने में समय लगेगा।

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