Geopolitical Focus/नई दिल्ली:- भारत और कनाडा के आर्थिक संबंधों में आज एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। कनाडा के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की पहली भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के ऐसे बड़े समझौतों पर मुहर लगी है जो आने वाले दशकों में भारत की ‘हाई-टेक’ और ‘क्लीन एनर्जी’ की सूरत बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी के बीच हुई शिखर वार्ता में यह जानकारी साझा की गई कि कनाडाई पेंशन फंड्स (जैसे CPPIB और CDPQ) ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर अटूट भरोसा जताते हुए अब तक लगभग 100 बिलियन डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये) का कुल निवेश किया है।
क्रिटिकल मिनरल्स: भारत की ईवी क्रांति को मिलेगी रफ्तार
इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू ‘क्रिटिकल मिनरल्स’ (Critical Minerals) को लेकर हुआ समझौता है। भारत ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मिशन और नेट-जीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कनाडा के साथ हाथ मिलाया है।
लिथियम और कोबाल्ट की आपूर्ति: कनाडा अब भारत को लिथियम, कोबाल्ट और ग्रेफाइट जैसे दुर्लभ खनिजों का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनेगा। ये खनिज ईवी बैटरी और सौर पैनलों के निर्माण के लिए अनिवार्य हैं।
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: केवल कच्चे माल की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि कनाडा भारत को बैटरी निर्माण और मिनरल प्रोसेसिंग की उन्नत तकनीक (Technology Transfer) भी प्रदान करेगा। इससे भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत स्वदेशी बैटरी इकोसिस्टम मजबूत होगा।
यूरेनियम और ऊर्जा सुरक्षा
बैठक के दौरान एक अन्य बड़ा समझौता 2.6 बिलियन डॉलर का हुआ, जिसके तहत कनाडा की कंपनी ‘कैमेको’ (Cameco) भारत को परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए लंबी अवधि तक यूरेनियम की आपूर्ति करेगी। यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
कनाडाई पेंशन फंड्स का भारत पर दांव
कनाडा के नौ सबसे बड़े पेंशन फंड्स के अधिकारियों ने भारत की विकास गाथा की सराहना की है। पीएम मोदी ने कहा कि 100 बिलियन डॉलर का यह भारी-भरकम निवेश भारत की स्थिरता और सुधारों (Reforms) के प्रति वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। यह निवेश मुख्य रूप से बुनियादी ढांचे (Infrastructure), रीयल एस्टेट, नवीकरणीय ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में किया गया है।
भविष्य की राह: सीईपीए और नवाचार
दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को इसी वर्ष के अंत तक अंतिम रूप देने पर सहमति जताई है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए ‘कनाडा-भारत नवाचार साझेदारी’ (Innovation Partnership) को और विस्तार दिया जाएगा।