पटना (बिहार):- बिहार की राजनीति में उस समय भावुक दृश्य देखने को मिला जब मुख्यमंत्री नितीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा तेज हुई। खबर सामने आने के बाद जनता दल यूनाइटेड के कई नेता और कार्यकर्ता भावुक हो गए। पटना स्थित उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी कार्यकर्ता पहुंच गए। इस दौरान कई नेताओं की आंखों से आंसू भी निकल पड़े और उन्होंने कहा कि वे अपने नेता को बिहार की राजनीति से दूर नहीं जाने देंगे।
कुछ कार्यकर्ताओं ने भावुक होकर कहा कि उन्होंने वर्षों तक नीतीश कुमार के नेतृत्व में काम किया है और राज्य के विकास में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। समर्थकों का कहना था कि अगर वे राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की राजनीति में एक बड़ा खालीपन महसूस होगा। कई कार्यकर्ता नारे लगाते हुए उनके आवास के बाहर जमा रहे और उनसे फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील करते रहे।
पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार का नेतृत्व किया है और उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कार्यकर्ताओं की भावनाएं उनसे गहराई से जुड़ी हुई हैं इसलिए स्वाभाविक रूप से भावुक प्रतिक्रिया सामने आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार की सत्ता और संगठन दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इसी वजह से पार्टी के भीतर भी हलचल तेज हो गई है और संभावित नए नेतृत्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर सबकी नजर बनी हुई है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।