नई दिल्ली :- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब दुबई के रियल एस्टेट बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में कई भारतीय निवेशकों ने दुबई में प्रॉपर्टी खरीदने के फैसले को फिलहाल रोक दिया है। निवेश सलाहकारों के अनुसार क्षेत्र में जारी भू राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट स्थायी नहीं भी हो सकती है और आने वाले महीनों में हालात सामान्य होने पर बाजार फिर गति पकड़ सकता है।
दुबई लंबे समय से भारतीय निवेशकों के लिए आकर्षक प्रॉपर्टी बाजार रहा है। टैक्स में राहत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत किराया रिटर्न के कारण भारत से बड़ी संख्या में लोग यहां निवेश करते रहे हैं। लेकिन हालिया तनाव के चलते कुछ निवेशकों ने नई डील्स को फिलहाल टाल दिया है और बाजार की दिशा देखने का फैसला किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई का रियल एस्टेट बाजार पहले भी वैश्विक उतार चढ़ाव का सामना कर चुका है और हर बार तेजी से उभरा है। इसलिए यदि क्षेत्रीय स्थिति स्थिर होती है तो निवेशकों का भरोसा फिर लौट सकता है। कई डेवलपर्स भी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नए ऑफर और भुगतान योजनाएं पेश कर रहे हैं।
दूसरी ओर कुछ विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय निवेशक पूरी तरह पीछे नहीं हटे हैं बल्कि वे फिलहाल सावधानी बरत रहे हैं। जैसे ही मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य होंगे वैसे ही निवेश गतिविधियां फिर से तेज हो सकती हैं। ऐसे में आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दुबई का प्रॉपर्टी बाजार इस चुनौती से कैसे उबरता है और भारतीय निवेशकों का भरोसा किस गति से लौटता है।