Renault Bridger /मुंबई:- रेनॉल्ट ब्रिड्जर का सबसे बड़ा आकर्षण इसका बॉक्सी और ईमानदार डिजाइन है। हाल ही में जारी टीज़र वीडियो और तस्वीरों से साफ है कि यह एक पारंपरिक ऑफ-रोडर की तरह दिखेगी।
* पीछे लगा स्पेयर व्हील: इसकी सबसे बड़ी खूबी इसके टेलगेट (डिग्गी) पर लगा स्पेयर व्हील है, जो इसे लैंड रोवर डिफेंडर जैसी रफ-एंड-टफ लुक देता है।
* इल्यूमिनेटेड लोगो: सामने की तरफ इसमें रेनॉल्ट की नई सिग्नेचर लाइटिंग और चमकता हुआ ‘रेनॉल्ट’ नाम देखने को मिलेगा, जैसा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई डस्टर में देखा गया है।
* मजबूत स्टांस: हाई बोनट लाइन, फ्लैट बॉडी सरफेस और भारी रूफ रेल्स इसे एक दमदार रोड प्रेजेंस देंगे।
इंजन और परफॉर्मेंस
हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक स्पेसिफिकेशन साझा नहीं किए हैंbलेकिन माना जा रहा है कि ब्रिड्जर में 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जाएगा जो रेनॉल्ट काइगर (Kiger) में भी इस्तेमाल होता है।
* पावर: यह इंजन लगभग 100hp की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट कर सकता है।
* ट्रांसमिशन: इसमें 5-स्पीड मैनुअल और CVT (ऑटोमैटिक) गियरबॉक्स के विकल्प मिलने की उम्मीद है।
* भविष्य में इसके हाइब्रिड, CNG और इलेक्ट्रिक (EV) वर्जन आने की भी चर्चा है।
केबिन और फीचर्स
ब्रिड्जर की लंबाई 4 मीटर से कम होगी, लेकिन रेनॉल्ट का दावा है कि इसके केबिन स्पेस के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। फीचर्स की बात करें तो इसमें:
* बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम (Android Auto और Apple CarPlay के साथ)।
* पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर।
* वायरलेस चार्जिंग, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और संभवतः सनरूफ जैसे आधुनिक फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
बाजार में किससे होगा मुकाबला?
रेनॉल्ट ब्रिड्जर को पोर्टफोलियो में किगर और अपकमिंग डस्टर के बीच रखा जा सकता है। यह उन ग्राहकों को आकर्षित करेगी जो एक कॉम्पैक्ट साइज में ‘लाइफस्टाइल एसयूवी’ का अनुभव चाहते हैं। इसका सीधा मुकाबला टाटा नेक्सॉन, मारुति ब्रेज़ा, हुंडई वेन्यू और महिंद्रा एक्सयूवी 3XO जैसी स्थापित कारों से होगा। साथ ही, अपनी बॉक्सी लुक के कारण यह मारुति जिम्नी के ग्राहकों की नजरों में भी आ सकती है।
कीमत और लॉन्च की उम्मीद
विशेषज्ञों का अनुमान है कि रेनॉल्ट ब्रिड्जर की शुरुआती कीमत ₹7 लाख (एक्स-शोरूम) के आसपास हो सकती है। कल होने वाला अनवील केवल एक ‘कॉन्सेप्ट’ मॉडल होगा, जिसका प्रोडक्शन वर्जन 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक सड़कों पर उतर सकता है।