Late night hunger : देर रात की भूख सिर्फ एक ‘बुरी आदत’ नहीं; यह हो सकती है इन गंभीर बीमारियों की दस्तक

Late night hunger /दिल्ली:- अक्सर ऐसा होता है कि रात को सोने से ठीक पहले या आधी रात को अचानक तेज भूख लगने लगती है। कई लोग इसे ‘मिडनाइट स्नैकिंग’ या सिर्फ एक आदत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, चिकित्सा विशेषज्ञों और हालिया शोधों ने एक चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपको बार-बार देर रात भूख लग रही है, तो यह केवल आपकी इच्छाशक्ति की कमी नहीं है बल्कि शरीर के भीतर पनप रही किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

क्या है ‘नाइट ईटिंग सिंड्रोम’ (NES)?

चिकित्सा विज्ञान में इस स्थिति को नाइट ईटिंग सिंड्रोम (Night Eating Syndrome) के रूप में पहचाना जाता है। यह एक ईटिंग डिसऑर्डर है जो आपके मेटाबॉलिज्म और हार्मोनल संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ सकता है। डॉक्टरों के अनुसार, जब शरीर की ‘सर्कैडियन रिदम’ (जैविक घड़ी) खराब हो जाती है, तो शरीर को दिन के बजाय रात में भोजन की आवश्यकता महसूस होने लगती है।

इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

विशेषज्ञों ने देर रात की भूख को मुख्य रूप से तीन प्रमुख स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा है:

* टाइप-2 डायबिटीज और इंसुलिन रेजिस्टेंस: जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर स्थिर नहीं रहता तो मस्तिष्क को बार-बार ऊर्जा (ग्लूकोज) की कमी का संकेत मिलता है। इसके परिणामस्वरूप, व्यक्ति को रात में अचानक भूख महसूस होती है। यह प्री-डायबिटीज का एक क्लासिक लक्षण हो सकता है।

* हार्मोनल असंतुलन (Leptin and Ghrelin):  हमारे शरीर में दो मुख्य हार्मोन भूख को नियंत्रित करते हैं—लेप्टिन (जो बताता है कि पेट भर गया है) और घ्रेलिन (जो भूख का अहसास कराता है)। नींद की कमी या तनाव के कारण जब इनका संतुलन बिगड़ता है, तो घ्रेलिन का स्तर रात में बढ़ जाता है, जिससे आप चाहकर भी अपनी भूख पर काबू नहीं रख पाते।

* डिप्रेशन और एंग्जायटी: मनोचिकित्सकों के अनुसार, कई लोग भावनात्मक खालीपन को भरने के लिए रात में ‘इमोशनल ईटिंग’ करते हैं। यह डोपामाइन (हैप्पी हार्मोन) को सक्रिय करने का एक तरीका होता है, जो मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की ओर इशारा करता है।

विशेषज्ञों की राय: क्यों है यह खतरनाक?

डॉक्टरों का तर्क है कि हमारा पाचन तंत्र रात में विश्राम की स्थिति में होता है। डॉ. राजेश कुमार (वरिष्ठ मेटाबॉलिक एक्सपर्ट) बताते हैं:

“देर रात भोजन करने से शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता कम हो जाती है। यह न केवल मोटापे को दावत देता है, बल्कि लिवर पर दबाव डालता है, जिससे ‘फैटी लिवर’ जैसी समस्याएं पैदा होती हैं। यदि यह सिलसिला हफ्तों तक चलता है तो यह हृदय रोगों के जोखिम को 40% तक बढ़ा सकता है।”

पहचानें लक्षण: क्या आप भी इसके शिकार हैं?

यदि आप नीचे दिए गए लक्षणों को महसूस करते हैं, तो आपको सचेत होने की आवश्यकता है:

* सुबह उठने पर बिल्कुल भूख न लगना (Morning Anorexia)।

* रात के खाने और सोने के बीच अपनी दैनिक कैलोरी का 25% से अधिक हिस्सा खाना।

* हफ्ते में कम से कम 3-4 बार आधी रात को नींद खुलना और कुछ खाने की तीव्र इच्छा होना।

* यह विश्वास करना कि खाने के बिना नींद नहीं आएगी।

बचाव के उपाय: कैसे सुधारें अपनी घड़ी?

अच्छी खबर यह है कि सही जीवनशैली से इसे नियंत्रित किया जा सकता है:

* प्रोटीन युक्त नाश्ता: सुबह भारी और प्रोटीन युक्त नाश्ता करने से रात की भूख कम होती है।

* तनाव प्रबंधन: योग और ध्यान के जरिए कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) को नियंत्रित करें।

* स्क्रीन टाइम कम करें: सोने से एक घंटा पहले मोबाइल छोड़ दें, ताकि मेलाटोनिन हार्मोन सही ढंग से बन सके।

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