Parliament Budget Session/नई दिल्ली: भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास जैसा संकल्प पेश कर सदन का तापमान बढ़ा दिया। वहीं उच्च सदन यानी राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच ग्रामीण भारत के भविष्य और विकास योजनाओं को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
लोकसभा: ओम बिरला के खिलाफ संकल्प और 10 घंटे की बहस
मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने तेवर कड़े कर लिए। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने ओम बिरला को अध्यक्ष पद से हटाने का संकल्प पेश किया। इस प्रस्ताव को 50 से अधिक सांसदों का समर्थन मिला, जिसके बाद पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने इसे चर्चा के लिए स्वीकार कर लिया।
विपक्ष के आरोप:
चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह कदम किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘संविधान को बचाने’ के लिए है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर का व्यवहार पक्षपातपूर्ण रहा है और सदन में विपक्ष के नेता (LoP) को बोलने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जाता। गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्षी नेताओं के भाषणों में बार-बार बाधा डाली गई।
सत्ता पक्ष का पलटवार:
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से कमान संभालते हुए विपक्ष के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष हार को पचा नहीं पा रहा है और संवैधानिक पदों की गरिमा को ठेस पहुँचा रहा है। भाजपा सांसदों—अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे ने भी अध्यक्ष के निर्णयों का बचाव किया और इसे संसदीय परंपराओं को कमजोर करने वाला कदम बताया। सदन ने इस संकल्प पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय आवंटित किया है।
राज्यसभा: ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा
एक तरफ जहाँ लोकसभा में राजनीतिक घमासान जारी रहा वहीं राज्यसभा में देश के बुनियादी ढांचे यानी ग्रामीण विकास पर चर्चा केंद्रित रही। ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने मनरेगा (MGNREGA) के बजट और ग्रामीण आवास योजनाओं की स्थिति पर सवाल उठाए।
सत्ता पक्ष के सांसदों ने ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं की सफलता गिनाई। सदन में चर्चा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी और कृषि आधारित रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया। विपक्षी नेताओं ने मांग की कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मनरेगा की मजदूरी में सम्मानजनक वृद्धि की जाए और फंड रिलीज करने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाए।
प्रमुख घटनाक्रम एक नजर में:
* 118 सांसदों का समर्थन: स्पीकर के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
* जगदंबिका पाल की अध्यक्षता: जब तक इस संकल्प पर चर्चा चलेगी, ओम बिरला अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। उनकी अनुपस्थिति में पैनल के सदस्य कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं।
* अमित शाह का संबोधन: इस महत्वपूर्ण बहस का समापन गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन के साथ होने की उम्मीद है।