Gas Crisis : गैस सिलेंडरों के लिए सड़कों पर उतरी जनता, एजेंसियों के बाहर लगी किलोमीटर लंबी कतारें

Gas Crisis /अमेठी:- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक विचलित कर देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसने प्रशासन के दावों और आपूर्ति व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर सुबह की पहली किरण के साथ ही उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि लोग अपना कामकाज छोड़कर, कड़कड़ाती धूप और धूल के बीच घंटों लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं।

एजेंसियों पर अव्यवस्था का बोलबाला

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अमेठी के स्थानीय गैस वितरण केंद्रों पर स्थिति अनियंत्रित हो चुकी है। गैस सिलेंडर पाने की जद्दोजहद में लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन स्टॉक खत्म होने की खबरों ने उनके सब्र का बांध तोड़ दिया है। कई जगहों पर कतारें मुख्य सड़कों तक पहुंच गई हैं, जिससे यातायात भी बाधित हो रहा है।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि उन्हें कई दिनों से चक्कर कटवाए जा रहे हैं। “यही होना बाकी था” जैसे जुमले अब आम जनता की हताशा का प्रतीक बन गए हैं। लोगों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग और डिजिटल इंडिया के दौर में भी अगर उन्हें सिलेंडर के लिए शारीरिक रूप से घंटों लाइन में लगना पड़े, तो यह व्यवस्था की बड़ी विफलता है।

कालाबाजारी और ऊंचे दामों का डर

भीड़ के बीच खड़े एक स्थानीय निवासी ने बताया, “हम सुबह 4 बजे से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर होने तक भी नंबर नहीं आया। डर इस बात का है कि अगर आधिकारिक तौर पर सिलेंडर नहीं मिला, तो हमें ब्लैक मार्केट से दोगुने दामों पर गैस खरीदनी पड़ेगी।”

स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोग पीछे के रास्ते से सिलेंडर निकलवा रहे हैं, जबकि आम नागरिक, विशेषकर महिलाएं और बुजुर्ग, घंटों से कतार में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इस अव्यवस्था के कारण कई बार लाइन में खड़े लोगों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बन रही है।

प्रशासनिक चुप्पी और आपूर्ति की कमी

सूत्रों की मानें तो इस संकट के पीछे मुख्य कारण गैस की आपूर्ति (Supply Chain) में आई रुकावट बताई जा रही है। हालांकि, जिला प्रशासन या खाद्य एवं रसद विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। स्थानीय वितरकों का कहना है कि पीछे से ही डिमांड के मुकाबले कम लोड आ रहा है, जिसके कारण वे सभी उपभोक्ताओं की मांग पूरी करने में असमर्थ हैं।

जनता की मांग: तुरंत हो हस्तक्षेप

अमेठी की जनता अब सरकार और संबंधित मंत्रियों से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग कर रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सवाल यह उठाया जा रहा है कि ‘उज्ज्वला योजना’ के इस गढ़ में अगर सिलेंडर के लिए ऐसी मारामारी है, तो बाकी प्रदेश का क्या हाल होगा?

मुख्य बिंदु:

* अमेठी के ग्रामीण और शहरी इलाकों में गैस की भारी किल्लत।

* उपभोक्ताओं को घंटों कतार में खड़े होने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

* हॉट डिलीवरी (Home Delivery) की व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है।

* प्रशासन से सुचारू आपूर्ति बहाल करने की पुरजोर अपील।

अमेठी का यह वीडियो सिर्फ एक जिले की कहानी नहीं, बल्कि आपूर्ति प्रबंधन में आई उस खामी की ओर इशारा करता है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर गरीब और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस भीड़ को कम करने और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *