नई दिल्ली :- उत्तर भारत में मार्च में असामान्य रूप से घना कोहरा देखा गया, खासकर दिल्ली-एनसीआर, मेरठ और पश्चिमी यूपी में, जिससे दृश्यता कम हुई। मौसम विभाग ने इसे 2008 की घटना जैसा बताया। उत्तर भारत में मार्च के महीने में घना कोहरा देखना बेहद दुर्लभ माना जाता है लेकिन इस बार ऐसा ही असामान्य मौसम देखने को मिला। राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के कई हिस्सों में अचानक घना कोहरा छा गया जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़कों पर दृश्यता कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई जगहों पर यातायात प्रभावित हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह का घना कोहरा मार्च में बहुत कम देखने को मिलता है। इससे पहले ऐसा ही मौसम लगभग दो दशक पहले वर्ष 2008 में दर्ज किया गया था। इस बार भी वैसी ही स्थिति देखने को मिली है जिससे मौसम वैज्ञानिक हैरान हैं।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर नई दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में देखा गया। खास तौर पर मेरठ तथा आसपास के इलाकों में सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो गई थी। कई जगहों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर धीरे धीरे सफर करना पड़ा।
विशेषज्ञों के मुताबिक मौसम में अचानक आए बदलाव इसके पीछे बड़ी वजह हो सकते हैं। रात के समय तापमान में गिरावट और हवा की गति कम होने से नमी बढ़ जाती है जिससे कोहरा बनने की स्थिति पैदा होती है। हालांकि मार्च के महीने में ऐसा होना सामान्य नहीं माना जाता।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार यह एक असामान्य मौसम घटना है लेकिन फिलहाल स्थिति धीरे धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि जैसे जैसे तापमान बढ़ेगा और धूप तेज होगी वैसे वैसे कोहरा खत्म हो जाएगा।
कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क और हवाई यातायात पर भी असर देखा गया। कई स्थानों पर वाहनों की गति धीमी हो गई और यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की कि कम दृश्यता के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जरूरी होने पर ही यात्रा करें।
मार्च के महीने में इस तरह का मौसम लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बन गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और बदलते मौसम पैटर्न के कारण भविष्य में इस तरह की असामान्य घटनाएं और भी देखने को मिल सकती हैं।