बीजिंग (चीन):- चीन की एक एआई स्टार्टअप ने दावा किया है कि उसने ईरान पर हुए हमले से पहले ही अमेरिकी सैन्य गतिविधियों को सैटेलाइट के जरिए ट्रैक कर लिया था।
कंपनी के मुताबिक उसने 28 फरवरी से पहले क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हलचल का विश्लेषण किया था और सैटेलाइट डेटा के जरिए संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत पकड़ लिए थे। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के एआई सिस्टम ने कई सैन्य ठिकानों और उपकरणों की असामान्य गतिविधियों को ट्रैक किया, जिससे आने वाले हमले की संभावना का अंदेशा लगाया गया।
सैटेलाइट और एआई से निगरानी का दावा
मिजारविजन का कहना है कि उसके प्लेटफॉर्म ने सैटेलाइट इमेजरी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से सैन्य गतिविधियों के पैटर्न का विश्लेषण किया। इससे यह पता चला कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संसाधनों की तैनाती सामान्य से अलग थी।
अमेरिका-इजरायल कार्रवाई पर बढ़ी चर्चा
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और इस्राइल की कथित सैन्य कार्रवाई के बाद इस दावे को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तकनीक ने बदल दी जासूसी की दुनिया
विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और सैटेलाइट तकनीक के तेजी से विकास ने वैश्विक सुरक्षा और खुफिया गतिविधियों की प्रकृति को बदल दिया है। अब निजी कंपनियां भी उन्नत डेटा विश्लेषण के जरिए बड़े सैन्य घटनाक्रमों के संकेत पहले से पकड़ने का दावा कर रही हैं।
इस दावे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आधुनिक तकनीक के दौर में सैन्य गतिविधियों को पूरी तरह गुप्त रखना कितना संभव है।