नई दिल्ली :- संसद के निचले सदन में आज एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला जब ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। लोकसभा में इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद सदन ने आवाज के आधार पर मतदान करते हुए इसे अस्वीकार कर दिया।
यह प्रस्ताव विपक्ष के कुछ सदस्यों की ओर से लाया गया था। उनका आरोप था कि सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी नेताओं को पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा है और सदन का संचालन निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रहा। विपक्ष ने इसी आधार पर स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
हालांकि चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने स्पीकर के कामकाज का बचाव किया और कहा कि Om Birla ने हमेशा संसदीय परंपराओं और नियमों के अनुसार सदन का संचालन किया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्पीकर का पद निष्पक्ष होता है और उस पर इस तरह के आरोप लगाना उचित नहीं है।
चर्चा के बाद जब प्रस्ताव को सदन के सामने रखा गया तो ध्वनिमत के जरिए इसे खारिज कर दिया गया। ध्वनिमत में सदन के अधिकांश सदस्यों ने प्रस्ताव के खिलाफ आवाज उठाई जिसके बाद यह प्रस्ताव गिर गया।
इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। जहां सत्ता पक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बता रहा है वहीं विपक्ष का कहना है कि वह संसद में अपने मुद्दों को उठाता रहेगा।
लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का खारिज होना यह संकेत देता है कि सदन में मौजूदा समय में स्पीकर के खिलाफ पर्याप्त समर्थन नहीं था। अब संसद की कार्यवाही आगे सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।