Health :- देश और दुनिया में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हर दिन बड़ी संख्या में लोग किडनी से संबंधित समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इन मामलों में सबसे बड़ी वजह दो आम बीमारियां हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार लगभग सत्तर प्रतिशत किडनी रोग के मामलों में मरीज पहले से डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित होते हैं। जब लंबे समय तक ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर नियंत्रित नहीं रहता तो इसका सीधा असर किडनी की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। धीरे धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम होने लगती है और स्थिति गंभीर हो सकती है।
डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआत में किडनी की बीमारी के लक्षण स्पष्ट नहीं दिखाई देते। कई बार मरीज को तब पता चलता है जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है। यही वजह है कि नियमित स्वास्थ्य जांच को बहुत जरूरी माना जाता है। खासकर उन लोगों के लिए जो डायबिटीज या बीपी से पीड़ित हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किडनी को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार लेना चाहिए। नमक और चीनी का सेवन नियंत्रित रखना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और नियमित व्यायाम करना भी जरूरी है। इसके साथ ही धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन से बचना भी किडनी की सेहत के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
डॉक्टर यह भी बताते हैं कि अगर समय रहते डायबिटीज और बीपी को नियंत्रित कर लिया जाए तो किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसलिए इन बीमारियों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित इलाज और जांच करवाते रहना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच ही किडनी रोगों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अगर लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें तो किडनी से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।