पटना (बिहार):- बिहार में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। 16 मार्च को होने वाली वोटिंग से पहले एनडीए ने अपनी रणनीति को मजबूत करने के लिए पटना में विधायकों की अहम बैठक की। इस बैठक में चुनावी गणित और संभावित रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सूत्रों के मुताबिक एनडीए को राज्यसभा की चार सीटों पर जीत का भरोसा है। इनमें भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड को दो दो सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि गठबंधन की नजर अब पांचवीं सीट पर भी टिक गई है और इसी को लेकर विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एनडीए नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे वोटिंग तक पटना में ही रहें। किसी भी विधायक को शहर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदान के दिन सभी विधायक मौजूद रहें और कोई क्रॉस वोटिंग या अनुपस्थिति की स्थिति न बने।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में हर एक वोट की अहमियत होती है। इसलिए दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए पूरी सतर्कता बरतते हैं। एनडीए की यह रणनीति भी इसी दिशा में एक प्रयास मानी जा रही है।
दूसरी ओर विपक्षी दल भी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या एनडीए अपनी रणनीति के जरिए पांचवीं सीट हासिल कर पाता है या मुकाबला और रोचक हो जाता है।
16 मार्च को होने वाली वोटिंग के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि बिहार की राजनीति में राज्यसभा की पांचवीं सीट किसके खाते में जाती है। फिलहाल चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां और रणनीतिक बैठकों का दौर लगातार जारी है।