नई दिल्ली :-रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को सस्ती और सुरक्षित पेयजल सुविधा देने के लिए रेल नीर की बोतल उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन हाल के दिनों में कई स्टेशनों पर यात्रियों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ वेंडर 14 रुपये की बोतल के लिए 15 रुपये तक वसूल रहे हैं और खुले पैसे न होने का बहाना बना रहे हैं।
लखनऊ मंडल में इस तरह की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार रोजाना करीब 35 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। जांच के दौरान इनमें से लगभग 85 प्रतिशत मामलों को सही पाया गया है जिससे यह साफ होता है कि कई जगह यात्रियों से अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि जब वे बोतल खरीदते हैं तो वेंडर अक्सर कहते हैं कि उनके पास खुले पैसे नहीं हैं इसलिए एक रुपये ज्यादा देने होंगे। कई बार जल्दी में सफर कर रहे यात्री इस बहाने को नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब इस पर आपत्ति भी जता रहे हैं।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों से तय कीमत से अधिक पैसा लेना नियमों के खिलाफ है। अधिकारियों के अनुसार ऐसे मामलों में जांच कर कार्रवाई की जा सकती है और दोषी पाए जाने पर वेंडर का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी रकम होने के बावजूद यह समस्या गंभीर है क्योंकि रोजाना हजारों यात्री स्टेशन से पानी खरीदते हैं। अगर हर बोतल पर एक रुपया ज्यादा लिया जाए तो यह बड़ी रकम बन जाती है।
रेलवे यात्रियों से भी अपील कर रहा है कि अगर उनसे तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगे जाएं तो वे तुरंत शिकायत दर्ज कराएं। इससे न केवल इस तरह की गड़बड़ी पर रोक लगेगी बल्कि यात्रियों के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।