अगर आपको किसी बैंक या वित्तीय संस्था के नाम से कॉल ईमेल या एसएमएस आता है तो अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार ने एक नया सिस्टम लॉन्च किया है जिसकी मदद से आप आसानी से यह पता कर सकते हैं कि वह कॉल असली है या फर्जी। हाल के महीनों में फिशिंग और फ्रॉड कॉल्स के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है जिसके चलते सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि आम लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।
यह सिस्टम विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा जो ऑनलाइन लेनदेन करते हैं या डिजिटल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करते हैं। नए सिस्टम में बैंक या फाइनेंशियल संस्थान से आने वाले कॉल और मैसेज पर एक विशेष वेरिफिकेशन टैग दिखाई देगा जो यह दर्शाएगा कि संदेश प्रमाणित स्रोत से आया है। अगर किसी कॉल पर यह टैग नहीं है तो उसे तुरंत संदिग्ध मान सकते हैं।
सरकार का कहना है कि इस पहल से साइबर ठगी के मामलों में बड़ी कमी आ सकती है क्योंकि फेक कॉल्स और फ्रॉड मैसेज की पहचान पहले से आसान हो जाएगी।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी कॉल पर अपनी बैंक जानकारी ओटीपी या कार्ड डिटेल्स साझा न करें और किसी संदिग्ध कॉल या एसएमएस की तुरंत रिपोर्ट करें। यह नया सिस्टम डिजिटल इंडिया मिशन के तहत एक और मजबूत कदम साबित होगा जो यूजर्स की सुरक्षा और भरोसे को नई दिशा देगा।