युद्ध की आंच से ठंडी पड़ी रसोई: गैस की कीमत 400 रुपये किलो तक पहुंची, सिलेंडर के लिए मारामारी

नई दिल्ली :- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के कारण कई क्षेत्रों में रसोई गैस को लेकर गंभीर संकट की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। गैस की कमी और आपूर्ति में बाधा के चलते बाजार में गैस की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ स्थानों पर रसोई गैस लगभग 400 रुपये प्रति किलो तक बिकने की खबरें सामने आई हैं, जिससे आम लोगों की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, कई शहरों और कस्बों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण हर किसी को गैस नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ती जा रही हैं।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है। आरोप है कि कुछ लोग फर्जी बुकिंग करके सिलेंडर जमा कर रहे हैं और बाद में उन्हें अधिक कीमत पर बेच रहे हैं। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए गैस प्राप्त करना और भी मुश्किल हो गया है।

ऑनलाइन बुकिंग प्रणाली भी कई जगहों पर प्रभावित बताई जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बार-बार प्रयास करने के बावजूद बुकिंग नहीं हो पा रही है, जबकि एजेंसियों का कहना है कि अत्यधिक मांग के कारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व क्षेत्र में जारी युद्ध और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मार्गों पर अनिश्चितता के कारण गैस की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि बाजार में अस्थिरता देखने को मिल रही है।

हालांकि संबंधित एजेंसियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपूर्ति को सामान्य बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में अतिरिक्त सिलेंडर जमा न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय हालात जल्द सामान्य होते हैं तो गैस आपूर्ति भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट सकती है। फिलहाल आम लोगों को संयम बरतने और जरूरत के अनुसार ही गैस का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है।

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