जब स्टूडियो में गा रही थीं के. एस. चित्रा, बाहर बैठा निर्देशक सुनकर रो पड़ा; 25 साल बाद भी अमर है यह गीत

नई दिल्ली :- भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे गीत बने हैं जो समय बीतने के बाद भी लोगों के दिलों में बस जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक पल उस समय देखने को मिला जब प्रसिद्ध गायिका K. S. Chithra एक रोमांटिक गीत की रिकॉर्डिंग कर रही थीं और स्टूडियो के बाहर बैठे फिल्म के निर्देशक उस गीत को सुनकर भावुक हो गए।

 

बताया जाता है कि जब K. S. Chithra रिकॉर्डिंग कक्ष में गीत गा रही थीं, तब निर्देशक बाहर बैठकर पूरे ध्यान से उनकी आवाज सुन रहे थे। गीत की भावनात्मक गहराई और चित्रा की मधुर आवाज ने ऐसा असर डाला कि निर्देशक की आंखों से आंसू निकल आए। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद यादगार बन गया।

 

चित्रा को भारतीय सिनेमा की सबसे मधुर और संवेदनशील आवाजों में से एक माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में हजारों गीत गाए हैं और कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा है। उनकी गायकी की खासियत यह है कि वह गीत के भाव को पूरी तरह महसूस कर उसे श्रोताओं तक पहुंचाती हैं।

 

यह गीत भी उन्हीं खास गीतों में से एक है जिसने श्रोताओं के दिलों में स्थायी जगह बना ली। रिलीज होने के करीब पच्चीस साल बाद भी लोग इस गीत को उतनी ही मोहब्बत से सुनते हैं। संगीत प्रेमियों के बीच आज भी यह गीत बेहद लोकप्रिय है और अक्सर पुरानी यादों को ताजा कर देता है।

 

संगीत विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी गीत को अमर बनाने में केवल धुन ही नहीं बल्कि गायक की भावनात्मक प्रस्तुति भी बड़ी भूमिका निभाती है। K. S. Chithra ने अपनी आवाज से इस गीत में ऐसी आत्मा भर दी कि यह गीत समय की कसौटी पर खरा उतर गया।

 

यही वजह है कि इतने वर्षों बाद भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोताओं के दिल में वही भावनाएं फिर से जीवित हो उठती हैं।

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