लखनऊ, 14 मार्च 2026 – उत्तर प्रदेश में बीजेपी के भीतर सियासी बवंडर मच गया है। दरोगा भर्ती परीक्षा के नए पैटर्न में पंडितों को अवसरवादिता के विकल्प से जोड़े जाने को लेकर पार्टी के अंदर तीखी नाराजगी उभरकर सामने आई है।
प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कड़े शब्दों में चिट्ठी लिखकर इस फैसले को भावनाओं को आहत करने वाला बताया। उन्होंने इस पर कठोर कार्यवाही की मांग भी की है।
ब्राह्मण विरोधी घटनाओं का लंबा इतिहास
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के साथ होने वाली कथित घटनाओं का इतिहास गहरा और परेशान करने वाला रहा है।कभी बटुक ब्राह्मणों की चोटी खींची जाती थी और उन्हें पीटा जाता था, जबकि अपराधियों को संरक्षण मिल जाता था।कभी शंकराचार्य को इरादतन अपमानित किया गया और उन्हें स्नान की अनुमति नहीं दी गई।कभी ब्राह्मण विधायकों को मीटिंग आयोजित करने पर अनुशासनहीनता की नोटिसें दी गईं। और अब, सरकारी दरोगा भर्ती परीक्षा में पंडितों को अवसरवादिता के विकल्प से जोड़ना, ब्राह्मण विरोध के आरोपों को और हवा दे रहा है।
व्यवस्था की जड़ और पेड़ का तर्क
विश्लेषकों का कहना है कि पेड़ की जड़ हमेशा जमीन के नीचे होती है, जो पेड़ को मजबूती और विस्तार देती है। लेकिन ब्राह्मण विरोध की जड़ के बारे में यह धारणा है कि यह सीधे शीर्ष से उत्पन्न होती है और फिर पूरी व्यवस्था में फैल जाती है।इस विवाद ने यूपी की सियासत और समाज में संवेदनशील मुद्दों को फिर से सतह पर ला दिया है।
पढ़ते रहिए हमारे साथ और जानिए यूपी की राजनीति के इस नए मोड़ की पूरी कहानी।