लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सामान्य हिंदी के प्रश्न पत्र में एक प्रश्न पूछा गया था जिसमें लिखा था कि अवसर के अनुसार बदल जाने वाले व्यक्ति को क्या कहा जाएगा। इस प्रश्न के चार विकल्प दिए गए थे जिनमें पंडित अवसरवादी निष्कपट और सदाचारी शामिल थे।
इस प्रश्न में पंडित शब्द को एक विकल्प के रूप में शामिल किए जाने पर कई लोगों ने आपत्ति जताई है और इसे एक समुदाय की गरिमा से जोड़कर देखा जा रहा है। मामला सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी प्रतिक्रिया तेज हो गई है।
डिप्टी सीएम ने जताई आपत्ति
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी प्रश्न या टिप्पणी से अगर किसी समाज की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो यह स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा विधायकों ने भी उठाई आवाज
इस मुद्दे पर भाजपा के कई ब्राह्मण विधायक भी सामने आए हैं। शलभ मणि त्रिपाठी प्रकाश द्विवेदी और रमेश मिश्रा ने इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करते हुए कहा कि यह सवाल एक विशेष समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला है और इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामला केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा
सूत्रों के अनुसार यह विवाद अब पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक भी पहुंच गया है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में हुई चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूदगी में कुछ पदाधिकारियों ने भी इसे गलत बताया। उनका कहना है कि अधिकारियों की ऐसी गलतियों से जनता के बीच पार्टी की छवि प्रभावित होती है।
भर्ती बोर्ड ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। बोर्ड ने कहा है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़ा यह विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है और जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।