नई दिल्ली :- दिल्ली ब्लास्ट मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। ताजा खुलासे में यह जानकारी मिली है कि फरीदाबाद के खंदावली गांव में बरामद की गई इकोस्पोर्ट कार, जो आतंकी उमर के नाम पर रजिस्टर्ड थी, उसी से अमोनियम नाइट्रेट की सप्लाई की गई थी। यह वही विस्फोटक सामग्री थी जिसका इस्तेमाल दिल्ली में हुए धमाकों में किया गया था।
कार का नंबर DL10CK0458 बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस वाहन का उपयोग कई बार दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं के बीच विस्फोटक सामग्री ले जाने में किया गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर यह नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पूरी रात NIA और NSG की संयुक्त टीम ने कार और उसके आसपास के इलाके की बारीकी से जांच की। डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक टीम और बम डिस्पोजल यूनिट ने भी मौके पर साक्ष्य जुटाए हैं। कार से बरामद रासायनिक अवशेषों की जांच से इस बात की पुष्टि हुई है कि उसमें अमोनियम नाइट्रेट की बड़ी मात्रा में आवाजाही की गई थी।
अधिकारियों का कहना है कि आतंकी उमर के नेटवर्क के कई अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी जारी है। यह खुलासा इस बात का संकेत है कि दिल्ली ब्लास्ट के पीछे एक संगठित और योजनाबद्ध आतंकी मॉड्यूल सक्रिय था।