नई दिल्ली :- देशभर में हाईवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। NHAI ने वित्त वर्ष 2026 27 के लिए फास्टैग वार्षिक पास की फीस में हल्की बढ़ोतरी कर दी है।
नई व्यवस्था के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से फास्ट टैग वार्षिक पास की फीस 3000 रुपये से बढ़ाकर 3075 रुपये कर दी जाएगी। यह फैसला देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले निजी वाहनों के लिए लागू होगा।
एक साल या 200 टोल पार करने तक मान्य
यह वार्षिक पास केवल योग्य गैर व्यावसायिक वाहनों के लिए उपलब्ध रहेगा। इस पास की वैधता एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक होगी। यानी यदि कोई वाहन चालक 200 बार टोल प्लाजा पार कर लेता है तो पास की वैधता वहीं समाप्त हो जाएगी भले ही एक साल पूरा न हुआ हो।
देशभर में लगभग 1150 टोल प्लाजा पर इस सुविधा का लाभ लिया जा सकता है। इससे वाहन चालकों को हर बार अलग अलग टोल शुल्क देने की जरूरत नहीं पड़ती और सफर काफी आसान हो जाता है।
लाखों लोग उठा रहे हैं फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना का लाभ अब तक करीब 56 लाख से ज्यादा लोग ले रहे हैं। फास्टैग वार्षिक पास के जरिए नियमित रूप से हाईवे पर सफर करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलती है।
डिजिटल टोल सिस्टम को मिल रहा बढ़ावा
फास्टैग प्रणाली को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है। इससे न केवल समय की बचत होती है बल्कि ईंधन की खपत भी कम होती है।
सरकार और NHAI का मानना है कि वार्षिक पास योजना से हाईवे यात्रा और अधिक सुगम और किफायती बनेगी और आने वाले समय में इसका उपयोग करने वाले लोगों की संख्या और बढ़ सकती है।