वाशिंगटन (अमेरिका): अमेरिका ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और मानव रहित हवाई वाहन कार्यक्रम से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। इस कार्रवाई में भारत चीन संयुक्त अरब अमीरात तुर्की हांगकांग ईरान और अन्य देशों की बत्तीस कंपनियों और व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। यह कदम ईरान द्वारा अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन के जवाब में उठाया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ये सभी संस्थान ईरान के लिए आवश्यक तकनीकी सामग्री और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में शामिल थे। भारत की फार्मलेन प्राइवेट लिमिटेड पर भी आरोप लगाया गया है कि उसने यूएई स्थित एक फर्म के साथ मिलकर सोडियम क्लोरेट और सोडियम परक्लोरेट जैसी रासायनिक सामग्रियों की आपूर्ति में मदद की थी। अमेरिकी उप वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान वैश्विक वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग कर हथियार निर्माण के लिए संसाधन जुटा रहा है। अमेरिका का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखने और परमाणु प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी। वाशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि जो भी देश या संस्था ईरान के खतरनाक कार्यक्रमों में सहयोग देगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम विश्व स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।