Assam opposition असम:- असम में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले विपक्षी दलों ने एकजुट होने की नई कोशिश की है। कांग्रेस, रायजोर दल, असम जातीय परिषद, सीपीआई (एम), सीपीआई, सीपीआई (एमएल) और एफएचएलसी सहित आठ विपक्षी दलों ने बुधवार को एक बैठक में भाग लिया जिसमें उन्होंने भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए एकजुट होकर लड़ने का फैसला किया ।
विपक्षी एकता के पीछे की वजह
विपक्षी दलों का कहना है कि वे असम की जनता को भाजपा की गलत नीतियों और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के शासन से मुक्ति दिलाना चाहते हैं। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्षी दलों ने एकजुट होकर लड़ने का फैसला किया है और वे 2026 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हराएंगे ।
कांग्रेस की भूमिका
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस असम में विपक्षी एकता का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कोशिश है कि असम की जनता को एक मजबूत और स्थिर सरकार मिले।
विपक्षी एकता की चुनौतियां
विपक्षी एकता के लिए कई चुनौतियां हैं। पिछले कुछ वर्षों में विपक्षी दलों के बीच कई मतभेद हुए हैं और सीटों के बंटवारे को लेकर भी विवाद रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों का कहना है कि वे इन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।