ईरान-अमेरिका युद्ध में भारत की भूमिका: फिनलैंड ने पीएम मोदी को शांति दूत बनाने की अपील की

नई दिल्ली :- ईरान के साथ चल रहे युद्ध में भारत की तटस्थ और संतुलित नीति की विश्व स्तर पर सराहना हो रही है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने रायसीना डायलॉग 2026 में पीएम नरेंद्र मोदी से संपर्क करने और युद्धविराम के लिए मध्यस्थता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की अनोखी स्थिति (रूस, अमेरिका और ईरान से अच्छे संबंध) इसे शांति दूत बना सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने अभी कोई समझौता करने से इनकार किया है, जबकि ईरान ने जवाबी हमलों में तेजी ला दी है। भारत के लिए चुनौती यह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 60% से ज्यादा तेल आयात होता है। दो भारतीय जहाजों पर हमले में भारतीय नागरिकों की मौत की खबरें भी आई हैं। सरकार ने सभी भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के प्रयास तेज कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अगर सफल मध्यस्थता करता है तो वैश्विक कूटनीति में उसकी साख और बढ़ेगी। UP के कई शहरों में लोग युद्ध के असर से चिंतित हैं, खासकर तेल-गैस कीमतों को लेकर। केंद्र ने कहा कि स्थिति पर नजर है और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। यह मौका भारत के लिए वैश्विक नेता बनने का है।

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