हाथरस (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे में एक बार फिर प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप का मामला सुर्खियों में आ गया है। आज सुबह CHC (कम्युनिटी हेल्थ सेंटर) फौजी पड़ाव के पास सड़क किनारे और कूड़े के ढेर में सैकड़ों कोडीन सिरप की बोतलें और शीशियां बरामद हुईं, जिससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई है।
स्थानीय सूत्रों और सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के अनुसार, ये सिरप CHC की पुरानी बिल्डिंग या फौजी पड़ाव क्षेत्र में कूड़े में फेंके गए थे। बरामद सिरप में दिसंबर 2027 तक की एक्सपायरी डेट दर्ज है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में 2029 तक की डेट का जिक्र है। ये कोडीन आधारित कफ सिरप (जैसे Codistar NF या इसी तरह के ब्रांड) देश में कई राज्यों में बच्चों की मौत के बाद प्रतिबंधित हैं, क्योंकि इनका दुरुपयोग नशीले पदार्थ के रूप में होता है।
मौके पर तहसीलदार सिकंदराराऊ पहुंचे और जांच शुरू की। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल लिए हैं, जो लखनऊ की लैब में भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने आसपास के मेडिकल स्टोर्स और दवा दुकानों पर छापेमारी तेज कर दी है। पहले जनवरी 2026 में भी इसी क्षेत्र में कूड़े से 34-100 खाली बोतलें मिली थीं, जिसके बाद संयुक्त टीम ने कई दुकानों को अस्थायी सील किया था। अब फिर बड़े जखीरे के मिलने से सवाल उठ रहे हैं कि ये सिरप अस्पताल से निकले हैं या अवैध तरीके से बेचे जा रहे थे।
प्रशासन ने लोगों से ऐसे सिरप न खरीदने और तुरंत सूचना देने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोडीन का दुरुपयोग युवाओं में नशे की लत बढ़ा रहा है, और प्रतिबंध के बावजूद ब्लैक मार्केट में उपलब्ध है। यह मामला हाथरस में स्वास्थ्य व्यवस्था और ड्रग कंट्रोल पर सवाल खड़े कर रहा है। जांच जारी है, जल्द कार्रवाई की उम्मीद। जय माता दी के साथ नवरात्र में सतर्क रहें!