तेल की कीमतों में बड़ा विस्फोट युद्ध का असर सीधे भारत पर

नई दिल्ली :- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजार के साथ भारत की अर्थव्यवस्था पर भी साफ नजर आने लगा है। इंडियन क्रूड ऑयल बास्केट की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है जो हाल के समय का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। कुछ ही दिनों पहले तक यही कीमत करीब 85 डॉलर के आसपास थी लेकिन अचानक आई तेजी ने चिंता बढ़ा दी है।

 

इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ता खतरा और ईरान से जुड़े हालात हैं। यह इलाका दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई रूट में से एक है और यहां किसी भी तरह का तनाव सीधे सप्लाई को प्रभावित करता है।

 

भारत के लिए यह स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में कीमतों में यह उछाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ा सकता है जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

 

इसके अलावा महंगाई बढ़ने का खतरा भी है क्योंकि ट्रांसपोर्ट और उत्पादन की लागत बढ़ जाएगी। इससे खाने पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक सब कुछ महंगा हो सकता है।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। ऐसे में सरकार के सामने आर्थिक संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

 

यह स्थिति साफ दिखाती है कि वैश्विक घटनाएं किस तरह सीधे आम आदमी की जिंदगी को प्रभावित करती हैं और आने वाले समय में इसके असर और गहरे हो सकते हैं।

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