वाराणसी (उत्तर प्रदेश):-वाराणसी में पवित्र गंगा में स्नान करने के दौरान एक १४ वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। यह हादसा दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के मीरघाट पर हुआ जहां किशोर गोरखपुर से बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए परिवार के साथ पहुंचा था। सुबह के समय गंगा स्नान के लिए घाट पर काफी भीड़ थी लेकिन तेज धारा और गहरे पानी में जाने से किशोर अचानक डूब गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और नाविकों ने बचाव प्रयास शुरू किए लेकिन किशोर गहरे पानी में बह गया। एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन चलाया और कुछ समय बाद शव बाहर निकाला गया। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की पहचान गोरखपुर के एक परिवार के सदस्य के रूप में हुई है जो धार्मिक यात्रा पर काशी आया था। परिवार में कोहराम मच गया और परिजन सदमे में हैं।
मीरघाट वाराणसी के प्रमुख घाटों में से एक है जहां रोजाना हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए आते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा की तेज धारा और अचानक गहराई बढ़ने से ऐसे हादसे अक्सर होते हैं। घाट पर जीवन रक्षक उपकरण और लाइफगार्ड की कमी भी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गहरे पानी में न जाएं और बच्चों पर नजर रखें।
यह घटना चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के समय हुई है जब घाटों पर भीड़ अधिक होती है। पिछले कुछ दिनों में गंगा में कई डूबने की घटनाएं सामने आई हैं जिनमें तुलसीघाट पर दो भाइयों का मामला भी शामिल है जहां एक की मौत हुई और दूसरे की तलाश जारी रही। ऐसे हादसों से बचाव के लिए घाटों पर अधिक सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठ रही है।
परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और पोस्टमार्टम के बाद शव सौंप दिया गया। किशोर की मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है। लोग प्रार्थना कर रहे हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस दुख से उबरने की शक्ति प्राप्त हो। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि घाटों पर साइन बोर्ड लगाए जाएं और बचाव दल तैनात रहें। गंगा स्नान पवित्र है लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है ताकि ऐसी त्रासदियां न हों।