मेरठ (उत्तर प्रदेश):- मेरठ में भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां पूर्व सैनिक कल्याण निगम में तैनात बाबू शक्ति सिंह को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। इस कार्रवाई ने सरकारी दफ्तरों में चल रही घूसखोरी पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी बाबू लंबे समय से फाइल पास कराने और काम जल्दी कराने के बदले पैसे मांग रहा था। शिकायत मिलने के बाद टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही उसने रिश्वत की रकम ली उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। इस दौरान सभी जरूरी सबूत भी इकट्ठा किए गए जिससे मामला और मजबूत हो गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद भी शक्ति सिंह के चेहरे पर कोई डर या पछतावा नहीं दिखा। वह थाने पहुंचते समय भी मुस्कराता नजर आया जिससे लोगों में और ज्यादा नाराजगी देखने को मिली। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोपी घबराया हुआ दिखता है लेकिन यहां तस्वीर बिल्कुल अलग थी।
इस घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और लोग सरकारी सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं होगी तब तक भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना मुश्किल है।
फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जरूरी है ताकि आम लोगों को बिना रिश्वत दिए उनका हक मिल सके।