ईरान :- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए हमलों के बाद कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि अब तक ईरान ने जो जवाब दिया है वह उसकी पूरी शक्ति का केवल एक छोटा हिस्सा था। अराघची ने स्पष्ट किया कि अगर भविष्य में उनके ऊर्जा प्रतिष्ठानों या अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं पर फिर हमला किया गया तो ईरान किसी भी तरह की नरमी नहीं दिखाएगा और पूरी ताकत से प्रतिक्रिया करेगा।
अराघची ने कहा कि ईरान ने अब तक अपने ऊर्जा संसाधनों और राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए जो कदम उठाए हैं वह केवल आरंभिक कदम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई दुश्मन उनके ऊर्जा नेटवर्क को निशाना बनाता है तो उसकी प्रतिक्रिया और अधिक तीव्र होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की अतिरिक्त क्षमताएँ अब तक उपयोग में नहीं आई हैं और आवश्यकता पड़ने पर उनका पूरा उपयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब इज़राइल ने ईरान के ऊर्जा और गैस क्षेत्रों पर हमले किए थे। इन हमलों से ईरान की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई। इसके बाद ईरान ने सीमा पार स्थित लक्ष्यों पर मिसाइल और ड्रोन के माध्यम से जवाबी कार्रवाई भी की।
अराघची ने यह भी कहा कि ईरान केवल रक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। अगर उसकी नागरिक अर्थव्यवस्था या ऊर्जा प्रतिष्ठानों को खतरा पहुंचाया गया तो उसकी प्रतिक्रिया और अधिक कड़ी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति और संघर्ष विराम तब ही संभव है जब ईरान के नागरिक और ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
विश्लेषकों के अनुसार यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए संदेश है कि ईरान पर किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार्य नहीं है। ईरान ने यह साफ कर दिया है कि उसके ऊर्जा और राष्ट्रीय संसाधनों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में वह अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।