नई दिल्ली :- भारत ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने स्पष्ट कहा है कि समुद्री मार्गों पर इस तरह के हमले किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता में है और क्षेत्र में तेजी से बदलती स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विशेष रूप से निर्दोष लोगों की मौत और जहाजों की सुरक्षा को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है।
विक्रम दोरईस्वामी ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इन रास्तों से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति जुड़ी होती है। ऐसे में किसी भी प्रकार का हमला न केवल क्षेत्रीय शांति को प्रभावित करता है बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह बयान संतुलित लेकिन सख्त कूटनीतिक संदेश है। भारत ने सीधे किसी देश का नाम लिए बिना यह स्पष्ट कर दिया है कि समुद्री सुरक्षा और निर्दोष लोगों की जान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
भारत लंबे समय से सुरक्षित और मुक्त समुद्री मार्गों का समर्थन करता रहा है। इस बयान के माध्यम से भारत ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए मिलकर प्रयास किए जाएं।
मौजूदा हालात को देखते हुए यह मुद्दा केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है। आने वाले समय में भारत की कूटनीतिक भूमिका इस क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण हो सकती है।