लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सहारा सिटी अब एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कभी भव्यता और ऐश्वर्य का प्रतीक रही यह विशाल आवासीय और प्रशासनिक परिसर तेजी से खाली कराया जा रहा है, जिससे प्रदेश की नई विधानसभा के निर्माण का मार्ग लगभग साफ हो गया है।
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के उस अहम फैसले के बाद हुई, जिसमें 16 मार्च को सहारा सिटी की लीज समाप्त करने के निर्णय को सही ठहराया गया। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि यह जमीन नगर निगम को सौंपी जाए। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार, सहारा समूह के संस्थापक सुब्रत राय की पत्नी स्वप्ना राय भी अपनी कोठी ‘स्वप्ना कुटी’ से कीमती और लग्जरी सामान बाहर निकलवा रही हैं। पिछले कुछ दिनों से यहां ट्रकों और बड़े वाहनों की आवाजाही लगातार देखी जा रही है, जो इस बात का संकेत है कि खाली कराने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
करीब 170 एकड़ में फैली इस जमीन पर अब एक आधुनिक विधानसभा भवन बनाने की योजना तैयार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य एक ऐसा प्रशासनिक केंद्र विकसित करना है जो तकनीक और सुविधाओं के लिहाज से अत्याधुनिक हो। यह परियोजना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बेहतर बनाएगी बल्कि शहर के विकास को भी नई दिशा देगी।
सहारा सिटी कभी अपनी शानदार संरचनाओं और भव्य कोठियों के लिए जानी जाती थी। यहां की इमारतों की तुलना अक्सर अंतरराष्ट्रीय स्तर की इमारतों से की जाती थी। लेकिन अब यह क्षेत्र एक नए रूप में सामने आने की तैयारी में है।
इस बदलाव को केवल एक निर्माण परियोजना के रूप में नहीं बल्कि लखनऊ के शहरी विकास के एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यहां बनने वाली नई विधानसभा न केवल राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र होगी बल्कि आधुनिक उत्तर प्रदेश की पहचान भी बनेगी।